अंतिम पारी में शानदार शतक ठोंक कर रचा इतिहास — कुक

नया लुक टीम, नई दिल्ली। कोई एक दिन में महान नहीं होता। महान होने के लिए महान कार्य करने पड़ते हैं। दुनिया के सबसे महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन साल 1948 में अपनी अंतिम टेस्ट पारी के दौरान बिना खाता खोले वह आउट हो गए थे। दुनिया आज भी उन्हें टेस्ट का महान बल्लेबाज मांनती है। वहीं अंग्रेज कप्तान एलिस्टर कुक ने अपने अंतिम पारी में शानदार शतक ठोंक कर टेस्ट क्रिकेट को अपनी सलामी दी। यह वही कुक हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था और शानदार शतकीय पारी खेली थी। कुक ने जैसे ही शतक लगाया भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी उनके स्वागत में खड़े हो गए और तालियां बजाने लगे। भारतीय कप्तान विराट कोहली तेजी से कुक की तरफ लपके और उन्हें इस शानदार शतक के लिए न केवल बधाई दी, बल्कि जीवन के नए छोर में शुरू होने वाली नई पारी के लिए शुभकामनाएं दी।
बताते चलें एलिस्टर कुक ने साल 2006 में भारत के खिलाफ नागपुर टेस्ट मैच में पदार्पण किया था और शानदार शतक ठोक कर अपने करियर की शुरुआत की थी। बताते चलें वह बाएं हाथ के ऐसे खब्बू बल्लेबाज हैं जो दुनिया में सबसे ज्यादा रन बना चुके हैं। वेस्टइंडीज के स्टार बल्लेबाज ब्रायन लारा से कहीं आगे एलिस्टर कुक भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी उनसे खासे आगे हैं। सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाजों में वह सचिन तेंदुलकर, रिकी पोंटिंग, जैक कैलिस और राहुल द्रविड़ के बाद पांचवें स्थान पर हैं। उनके इस शानदार पारी पर भारत के पूर्व मास्टर ब्लास्टर और रन मशीन सुनील गावस्कर कहते हैं कि कुक ने खुद को पूरी तरह से इंग्लैंड के लिए समर्पित किया था, वह शानदार विदाई पाने के हकदार हैं। दुनिया में उनके जैसी तकनीक का बल्लेबाज अब नहीं आएगा। वह पांचवें ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने आखिरी और पहली दोनों ही पारियों में शतक लगाया था। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के रेकी डफ, बिल पोंस्फोर्ड, ग्रेग चैपल और भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ही यह कमाल कर पाए हैं। भारतीय टीम समेत पूरी दुनिया ने उन्हें इस शतक के लिए बधाई दी है।