अद्भुत है यह औषधीय पौधा

नया लुक टीम, मुंबई। अर्जुन का पेड़ एक औषधीय पौधा है, जिसे कई बीमारियों के इलाज के लिए आयुर्वेद की तरह इस्तेमाल किया जाता हैं। अर्जुन के पेड़ की छाल हृदय रोग की महाऔषधि माना जाता है। इसका उपयोग हाई बीपी, बढ़ा हुआ कोलेस्‍ट्रॉल वा हार्ट अटैक तथा मोटापे की घातक बीमारी के लिए भी किया जाता है। अर्जुन की छाल में कार्डियोप्रोटेक्‍टीव और हृदय को मजबूत करने वाले कई गुण होते है। इस औषधि का इस्तेमाल लगभग दिल संबंधी कई रोगों के उपचार के रूप में किया जाता हैं।

इसके फायदे
1—इसकी छाल को धूप में सुखाकर उसका पाउडर बनाया जाता है। यह शीतल, हृदय को हितकारी, कसैला, क्षय, कफ तथा पित्त को नष्ट करता है। इसका मुख्य उपयोग हृदय रोग के उपचार में किया जाता है। यह हृदय रोग की महाऔषधि माना जाता है। इसका उपयोग हाई बीपी, बढ़ा हुआ कोलेस्‍ट्रॉल वा हार्ट अटैक तथा मोटापे की घातक बीमारी के लिए भी किया जाता है। इसके अलावा यह पेट दर्द, कान का दर्द, झाइयां, बुखार, श्वेतप्रदर, टीबी और खांसी में भी लाभप्रद होता है। आइए इसके स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में जानकारी लेते हैं।


2—जब आप व्यायाम करते हैं तो अर्जुन औषधि आपके एनर्जी लेवल को बढ़ा देता है। एक शोध के मुताबित, जिन लोगों ने 2 हफ्ते तक लगाकर अर्जुन का अर्क पीया तो उनके ऑक्सीजन को ग्रहण करने की क्षमता 4.9% बढ़ गई। एरोबिक और कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज करते समय शरीर को ऑक्सीजन की जरूरत अधिक होती है। ऐसे में अश्वगंधा के साथ अर्जुन की छाल लेने से शरीर की मांसपेशियां को एनर्जी मिलती हैं और व्यायाम करते समय शरीर को जितनी ऑक्सीजन की जरूर होती है, उतनी प्राप्त होती हैं।

3—हड्डी टूट जाने और चोट लगने पर भी अर्जुन की छाल शीघ्र लाभ करती है। अगर हड्डी टूट जाए या चोट लग जाए तो अर्जुन की छाल के चूर्ण को दूध के साथ लेने से हड्डी जल्‍द जुड़ जाती है। इसके अलावा आप टूटी हड्डी के स्थान पर अर्जुन की छाल को घी में पीसकर लेप करके पट्टी बांध लेने से हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है।