अब भारत-ईरान के बीच का यह प्रतिबंध हटा देगा अमेरिका

नया लुक बिजनेस डेस्क

नई दिल्ली। भारत बिना किसी प्रतिबंध के ईरान से कच्चे तेल खरीदना जारी रखने के लिए अमेरिका के साथ एक समझौता करेगा। दोनों देश समझौते के करीब हैं, मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। भारत के कच्चे तेल के आयात में कमी करने और एस्क्रो भुगतान पर सहमत होने के बाद यह फैसला लिया गया है। सूत्रों ने कहा कि भारत ईरान से अपने कच्चे तेल खरीद को 2017-18 में 2.26 करोड़ टन सालाना (452,000 बैरल प्रति दिन) से 1.5 करोड़ टन प्रति वर्ष (3,00,000 बैरल प्रति दिन) तक सीमित करने के लिये तैयार है। सूत्रों का दावा है कि अभी तक इसका अंतिम फैसला नहीं हुआ है और पांच नवंबर को लागू होने वाले प्रतिबंध से ठीक कुछ समय पहले समझौते की घोषणा हो सकती है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले अमेरिका ने नवंबर से सभी देशों पर ईरान से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन देश के दो सबसे बड़े सरकारी स्वामित्व वाले रिफाइनरी हैं, दोनों कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक नवंबर में किसी भी कार्गो से तेल लोड करने बारे में नहीं पूछा गया है। उद्योग के एक कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक नायरा एनर्जी भी किसी खरीददारी की योजना नहीं बना रही है। इनके अलावा मैंगलोर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने भी नवंबर महीने के लिए कोई नामांकन नहीं किया है।

ईरान से कच्चे तेल खरीदने पर अमेरिका ने भारत,चीन समेत अन्य देशों को प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी। यह प्रतिबंध सोमवार से लागू हो रहा है। प्रतिबंध के चलते इन देशों को ईरान से आयात में कटौती करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। भारत, चीन के बाद ईरान के तेल दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। सूत्रों ने कहा कि अभी तक इस अंतिम फैसला नहीं हुआ है और पांच नवंबर को लागू होने वाले प्रतिबंध से ठीक कुछ समय पहले समझौते की घोषणा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत के इस कदम पर खुशी जताई है। वह भारत को कच्चा तेल खरीदने के लिए छूट दे सकता है। हालांकि इसका भुगतान एस्क्रो खाते में किया जायेगा, जिसका इस्तेमाल ईरान, भारत से खरीदारी करने में कर सकता है। ब्लूमबर्ग टैंकर ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक भारत ईरान से कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीददार है, इस साल देश ने एक दिन में 577,000 बैरल कच्चे तेल का औसत आयात किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंध आने वाले वैश्विक तेल बाजार में एक बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं, ब्रेंट क्रूड कल गुरुवार को चार साल के उच्चतम 80 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर गया था।