…अब भारत की और बढ़ जाएगी संचार क्षमता, देश का सबसे शक्तिशाली उपग्रह जीसैट-11 प्रक्षेपित

बेंगलुरु। देश का सबसे वजनी, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली उपग्रह जीसैट-11 बुधवार तड़के फ्रेंच गुयाना स्पेस सेंटर से एरियनस्पेस रॉकेट की मदद सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। कोउरो में एरियन लॉच कॉम्प्लेक्स से भारतीय समयानुसार 02:07 बजे प्रक्षेपित किया गया, एरियन-5 वाहन ने जीसैट -11 को प्रक्षेपण के 33 मिनट तक निर्बाध उड़ान भरने के बाद कक्षा में स्थापित कर दिया। यह उपग्रह पूरे देश में ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नयी पीढ़ी के अनुप्रयोगों को लेकर एक मंच भी प्रदान करेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के अध्यक्ष के सिवान ने प्रक्षेपण के तुरंत बाद कहा, ‘जीसैट-11 भारत के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में सबसे मूल्यवान साबित होगा और यह देश को 16 जीबीपीएस की तरह डाटा लिंक सेवा प्रदान करेगा।

उपग्रह में 38 स्पॉट बीम के साथ-साथ आठ उप बीम हैं जो दूरदराज के स्थानों समेत पूरे देश को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि 5,854 किलोग्राम वजनी जीसैट-11 का जीवनकाल 15 साल से अधिक होगा।

 

संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि फ्रेंच गुयाना से प्रक्षेपित भारतीय उपग्रह जीसैट-11 संचार क्षेत्र में नयी क्रांति लायेगा तथा इससे हाई स्पीड डाटा की उपलब्धता बढ़ेगी। सिन्हा ने यहाँ एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, “आज जो उपग्रह प्रक्षेपित किया गया है, मैं उससे जुड़े इसरो के सभी वैज्ञानिकों को बधाई देता हूँ। यह संचार क्षेत्र में नयी क्रांति लाने वाला साबित होगा। इससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने के काम को गति मिलेगी।”

उल्लेखनीय है कि जीसैट-11 का भारतीय समयानुसार आज तड़के फ्रेंच गुयाना स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण किया गया। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे वजनी संचार उपग्रह है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. के. शिवन ने भी जीसैट-11 के सफलतापूर्वक उसकी कक्षा में स्थापित किये जाने के बाद कहा कि यह भारत नेट परियोजना के तहत ग्रामीण इलाकों तथा दुर्गम ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा। बेंगलुरु 05 दिसंबर(वार्ता) देश का सबसे वजनी, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली उपग्रह जीसैट-11 बुधवार तड़के फ्रेंच गुयाना स्पेस सेंटर से एरियनस्पेस रॉकेट की मदद सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।

कोउरो में एरियन लॉच कॉम्प्लेक्स से भारतीय समयानुसार 02:07 बजे प्रक्षेपित किया गया, एरियन-5 वाहन ने जीसैट -11 को प्रक्षेपण के 33 मिनट तक निर्बाध उड़ान भरने के बाद कक्षा में स्थापित कर दिया। उपग्रह पूरे देश में ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नयी पीढ़ी के अनुप्रयोगों को लेकर एक मंच भी प्रदान करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के अध्यक्ष के सिवान ने प्रक्षेपण के तुरंत बाद कहा, ‘जीसैट-11 भारत के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में सबसे मूल्यवान साबित होगा और यह देश को 16 जीबीपीएस की तरह डाटा लिंक सेवा प्रदान करेगा। उपग्रह में 38 स्पॉट बीम के साथ-साथ आठ उप बीम हैं जो दूरदराज के स्थानों समेत पूरे देश को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि 5,854 किलोग्राम वजनी जीसैट-11 का जीवनकाल 15 साल से अधिक होगा।