अब मोदी को सुनने नहीं आना चाहती जनता. ऑडियो वायरल

भोपाल। साहब! अब प्रधानमंत्री को सुनने जनता नहीं आना चाहती। उनकी सभा सफल कराने के लिए रात में दारू और पैसे बांटने पड़ेंगे। चुनाव जीतने के लिए कुछ पैसे भेज दीजिए। आखिरी तीन रात के लिए तीन करोड़ की जरूरत है। मैंने पूरी सेटिंग कर ली है, इन्हीं तीन रात में पूरा खेल हो जाएगा। मैंने सेटिंग कर ली है, आप चिंता न करें। यह बातें किसी और की नहीं बल्कि विदिशा से कमल सिम्बल पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मुकेश टंडन की है।

वायरल हुए ऑडियो में विदिशा से बीजेपी प्रत्याशी मुकेश टंडन अपने कॉडर के अध्यक्ष राकेश सिंह से बात कर रहे हैं। वह कहते हैं कि बीजेपी का कार्यकर्ता भी अब हरा… हो गया है। वह बिना पैसे के कोई काम नहीं करता है। ऑडियो के अनुसार प्रत्याशी ने अपने डेढ़ करोड़ फूंक दिए हैं। वहीं सिंह उन्हें ताकीद कर रहे हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी उन्हें सीट जीतने के लिए पैसे भेजे थे। बकौल ऑडियो, शिवराज सिंह से बात करने के बाद उन्हें पैसे उपलब्ध कराए जाएंगे, बनिस्पत की वह अपनी सीट जीत जाए।

अब कौन करेगा शुचिता की बात

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सीएम उपाध्याय कहते हैं कि राजनीति में चाल, चरित्र और चेहरा की बात करके सत्ता में आने वाली बीजेपी के प्रत्याशी यदि इस तरह से पैसे की बात करेंगे तो राजनीति में शुचिता का सवाल ही कहां रहेगा? यूपी बीजेपी से प्रवक्ता हीरो वाजपेयी कहते हैं कि अब ऑडियो में आ रही आवाज की जांच कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है, यह विपक्षी पार्टियों की चाल भी हो सकती है।

सट्टा बाजार में बीजेपी पर भारी पड़ रही कांग्रेस

युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी के ‘मामा’ यानी शिवराज सिंह चौहान पर भारी दिख रहे हैं। भोपाल का सट्टा बाजार चार सप्ताह पहले तक बीजेपी के सत्ता में लौटने की प्रबल संभावना जता रहे थे वो अब कांग्रेस के पक्ष में हवा का रूख बता रहे हैं। सटोरियों के मुताबिक, एक महीने पहले तक यदि कोई व्यक्ति भाजपा पर 10 हजार रुपये लगाता तो पार्टी के सत्ता में लौटने पर उसे 11 हजार रुपए मिलते। इस दौरान कांग्रेस पर लगाए गए 4400 रुपए नतीजों में उसकी जीत होने पर 10 हजार रुपए होकर लौटते।

अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा स्पेशल कैंपेन

एसपी साउथ राहुल लोढ़ा कहते हैं कि अपराधियों के खिलाफ स्पेशल कैंपेन चलाया जा रहा है जो चुनाव के दौरान गैंबलिंग या बेटिंग करते हैं। ऑनलाइन सट्टा या गैंबलिंग को पकड़ना थोड़ा मुश्किल है लेकिन पुलिस विशेष इनपुट्स के आधार पर ऐक्शन ले रही है। उन्होंने आगे कहा कि साइबर सेल बेटिंग रैकेट्स द्वारा चलाए जा रहे वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप पर लगातार नजर बनाए हुए है।