अब सपा-बसपा को सपोर्ट करने मैदान में उतरी राकांपा

  • बीजेपी पर वार करने के लिए मिल गया हथियार
  • एससी-एसटी एक्ट में संसोधन और चंद्रशेखर की रिहाई को लेकर
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने दिया विशाल धरना

लखनऊ। प्रदेश में बढ़ते दलित-पिछड़े और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते संस्थागत हमले, अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न (उत्पीड़न से बचाव) कानून को कमजोर करने की कोशिश , २ अप्रैल में हुए भारत बंद को लेकर दलितों की हत्याएं और गिरफ्तारी, फर्जी मुक़दमें हटाये जाने की मांग और दलित नेता चन्द्रशेखर की तत्काल रासुका हटाये जाने की मांग को लेकर प्रदेश राकापा ने लखनऊ स्थित जीपीओ पर एक विशाल घरने का आयोजन किया।

धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश राकापा के अध्यक्ष डॉ. रमेश दीक्षित ने कहा कि देश में और प्रदेश में भाजपा सरकार के आने के बाद से दलितों-पिछडों-अल्पसंख्यक सहित वंचित तबके पर संस्थागत रूप से हमले बड़े है। सूबे में योगी सरकार के आने के बाद से जगह जगह दंगे में दलितों और मुसलमानों को मारा काटा जा रहा है और उन्ही की एकतरफा गिरफ्तारी भी हो रही है। डॉ. दीक्षित ने कहा कि स्थिति इतनी बदतर हो गयी है कि अब दलितों की लिस्ट बनाकर उनकी हत्या की जा रही है ।

सहारनपुर दंगे में दुसरे पक्ष पर कोई भी कार्यवाही करते हुए दलित नेता पर रासुका लगाकर सूबे की सरकार दमित और वंचित समुदाय को हंसिये पर फेंकने का काम कर रही है और सवर्णों के तुष्टिकरण में लगी है । उन्होंने मांग कि अगर जल्द प्रदेश सरकार दलित नेता चंद्रशेखर पर से रासुका नहीं हटाती तो राकपा सामान सोंच वाले दल और दलितों और पिछडों के सामाजिक संगठनो के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आन्दोलन छेड़गी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न (उत्पीड़न से बचाव) कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर जानबूझ कर हलकी पैरवी की ताकि कानून को कमजोर किया जा सके ।
आज के धरने को राकापा प्रदेश अध्यक्ष के अलावा पीयूसीएल के उपाध्यक्ष आशीष अवस्थी , ग्रामीण खेतिहर मजदूर यूनियन के सुजीत घोष, लुआक्टा की महामंत्री और लखनऊ चिंतन मंच की अंशु केडिया, लविवि के प्राध्यापक रविकांत , अपना दल के पी एन पटेल आदि ने भी संबोधित किया ।

धरने में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अलावा अपना दल (सोनेलाल), लखनऊ चिंतन मंच , पीयूसीएल, जन परिवर्तन मंच , अंक फाउंडेशन के अलावा बड़े पैमाने पर आंबेडकर छात्रावास के छात्र और शहर के जनवादी प्रगतिशील आन्दोलन से जुड़े लोगो ने शिरकत की। इस दौरान बड़े पैमाने पर राकापा के कार्यकर्ता और प्रदेश पधाधिकारी मौजूद रहे ।