आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन इंडिया का हुआ विलय

नया लुक टीम, नई दिल्ली। वोडाफोन और आइडिया का विलय पूरा हो चुका है। अब ये कंपनी देश की नंबर वन कंपनी है। भारत के टेलीकॉम बाजार में 15 साल की एयरटेल की बादशाहत खत्म हो गई है। दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि विलय के बाद बनी ‘वोडाफोन आइडिया लि. के लिये नया निदेशक मंडल बनाया गया है। इसमें 12 निदेशक (छह स्वतंत्र निदेशक शामिल) और कुमार मंगलम बिड़ला उसके चेयरमैन होंगे। निदेशक मंडल ने बालेश शर्मा को सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) नियुक्त किया है।
आदित्य बिड़ला समूह और वोडाफोन आइडिया लि. के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, ”आज हमने देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी सृजित की है। वास्तव में यह ऐतिहासिक क्षण है…वोडाफोन आइडिया के रूप में हम अंतरराष्ट्रीय साख, पैमाना और मानदंड वाली कंपनी के लिये भागीदारी कर रहे हैं।
नई कंपनी के सीईओ बालेश शर्मा ने कहा, ”हम अपने खुदरा और कंपनी ग्राहक दोनों को बेहतर सेवा देने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम उनकी उभरती डिजिटल और संपर्क जरूरतों को नये उत्पादों, सेवाओं और समाधान के जरिये पूरा करेंगे।
बता दें कि जियो के आने के बाद टेलीकॉम कंपनियों की कमाई पर बड़ा असर पड़ा। जियो के सस्ते टैरिफ का मुकाबला कोई भी नहीं कर पाया। इस कारण कंपनियों की कमाई पर असर पड़ा। इसी के चलते 20 मार्च 2017 को आइडिया और वोडाफोन ने अपने विलय का एलान किया।

शुक्रवार को आइडिया के शेयर भाव में 1.81 फीसदी की तेजी आई। शेयर की कीमत 50.75 रुपए हो गई। दूसरी तरफ एयरटेल के शेयर के भाव में 0.25 फीसदी की गिरावट आ गई। एयरटेल के शेयर का भाव 382.75 रुपए है।