आज जो फिल्में बन रही हैं उनके “कोई मायने नहीं”—नसीरुद्दीन शाह

नया लुक टीम, मुंबई। करीब 200 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि आज जो फिल्में बन रही हैं उनके “कोई मायने नहीं” है। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि बॉलीवुड और बीते कुछ समय से उसके द्वारा बनाई जा रही फिल्मों से उनका मन भर चुका है। माउंटेन इकोज साहित्य उत्सव के दौरान एक सत्र में शाह ने कहा, “आपको कुछ भी मौलिक, रचनात्मक, आपको सोचने या सवाल पूछने पर मजबूर करने वाला कुछ भी ढूंढने के लिए आपको कड़ी मशक्कत करनी होगी। सब कुछ निरर्थक है। बॉम्बे फिल्म जगत को लेकर आशान्वित नहीं हैं” और उन फिल्मों से खुद को दूर रख रहे हैं जो उत्साहित नहीं करती हैं।

बता दें कि नसीरुद्दीन शाह को करियर के दौरान कई पुरस्‍कारों से नवाजा जा चुका है जिसमें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार भी शामिल है। सिनेमा में योगदान के लिए उन्‍हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री और पद्मभूषण सम्‍मान भी मिल चुका है। उनके करियर की शुरूआत फिल्‍म ‘निशांत’ से हुई थी। इसके बाद उन्‍होंने फिल्‍म जगत में इतना जोरदार काम किया कि उनके अभिनय का लोहा आलोचकों के साथ साथ दर्शकों ने भी माना। “शतरंज के खिलाड़ी”, “निशांत”, “आक्रोश”, “स्पर्श”, “मिर्च मसाला”, “अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है”, “जुनून”, “मंडी”, “अर्द्ध सत्य”, “जाने भी दो यारो” और “अ वेडनसडे” जैसी फिल्मों में काम करने के बाद उनके बॉलीवुड फिल्म जगत को लेकर इस बयान से कई दिग्गज खफा हो सकते हैं। शाह के मुताबिक सिनेमा हॉलों को बहुत जल्द भुला दिया जाएगा क्योंकि नेटफ्लिक्स और अमेजन जैसे प्लेटफार्म तेजी से लोकप्रिय हो
रहे हैं।