आज से सेना में दस्तक देने को तैयार “धनुष” तोप

  • बैरल का वजन लगभग 2692 किलो के साथ लंबाई 8 मीटर
  • दो फायर प्रति मिनट के साथ रेंज लगभग 42 से 45 किलोमीटर तक व लगातार 2 घंटे तक फायर करने की क्षमता
  •  गोले का वजन लगभग 46.5 किलो

गौरव श्रीवास्तव

कानपुर:रेगिस्तान हो या पहाड़ दुश्मनों को निस्तनाबूत करने में सक्षम धनुष तोप सोमवार से सेना के खेमे में शामिल हो जाएंगे गन कैरिज फैक्ट्री जबलपुर में होने वाले इस कार्यक्रम में लगभग 6 तोप भारतीय सेना के अफसरों को सौंप दी जाएंगे इसका निर्माण ओ एफ सी आयुध निर्माणी कानपुर और फील्ड गन फैक्ट्री ने मिलकर तैयार किया है धनुष बोफोर्स तोप का स्वदेशी संस्करण है इसको बनाने के लिये लगभग 95 फ़ीसदी से अधिक स्वदेशी कलपुर्जो का इस्तेमाल किया गया है अब सेना किसी भी तरह के मौसम में इसका उपयोग कर सकती है हर तरह के मौसमों में इसका परीक्षण सफल हुआ है इसका आयुध निर्माणी कानपुर और फील्ड गन फैक्ट्री में अत्यधिक बड़े पैमाने पर उत्पादन पर काम शुरू हो गया है भारतीय सेना व रक्षा मंत्रालय ने 19 फरवरी को ही हरी झंडी दे दी थी 2022-23 तक लगभग 114 धनुष और सेना में शामिल होने की संभावना है| आयुध निर्माणी बोर्ड के उपनिदेशक रवि चतुर्वेदी ने बताया सोमवार को प्रायोजित कार्यक्रम में सेना को पहली खेप के तौर पर 6 धनुष तोप दे दी जाएंगी|

साल 2000 में ही आयुध निर्माणी कानपुर बोफोर्स के अपग्रेड करने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को सौंपा था फैक्ट्री ने देश में पहली बार 7 मीटर लंबी बैरल बनाई जिसे सेना ने 2004 में मंजूरी दे दी थी बैरल के पास होते ही तोप बनाने का प्रस्ताव भेज दिया गया 2011 में बोफोर्स तोप की टेक्नोलॉजी और इसे स्वदेशी तकनीक से विकसित करने के लिए स्वीडन की कंपनी ने लगभग 63 महीने का समय मांगा था लेकिन इसी बीच ओएफसी ने तोप बनाने का प्रस्ताव सेना के पास सुरक्षित कर दिया और सेना को 18 महीने का समय दिया गया| ओ एफ सी,फील्ड गन और डीआरडीओ ने रिकॉर्ड समय में बेहतर कर नयी तोप बनाकर सेना को सौप दी|