मुम्बई के मिस्ट्री मैन मयंक मार्कंडेय, जानिए कैसे हुआ आईपीएल में चयन

मेरा लक्ष्य ज्य़ादा से ज्यादा सीखना है और एक बेहतर खिलाड़ी बनना हैः मयंक

मुम्बई। आईपीएल के 11वें सीजन के ठीक एक दिन पहले एक युवा लेगी को मुम्बई इंडियंस ने खरीदा। उस समय यह चर्चा हुई कि जिस टीम में भारतीय टीम के टर्बनेटर हरभजन सिंह हुआ करते थे, उनकी जगह यह युवा कैसे भर पाएगा। शायद तब क्रिकेट प्रेमियों को इनकी प्रतिभा का अंदाजा नहीं था। कल के मैच में चेन्नई के टीम की कमर तोड़ने वाला यह लेग स्पिनर मिस्ट्री मैन बनकर उभरा और लोगों को जमकर लुत्फ दिया।

नीलामी के ठीक एक दिन पहले 20 साल का यह युवा लेग स्पिनर बीसीसीआई के एक टूर्नामेंट में पंजाब अंडर-23 का प्रतिनिधित्व करने के लिए बेंगलुरू से धर्मशाला के लिए उड़ान भर रहा था। नीलामी में शामिल होने की उम्मीद न रखने वाले मार्कंडेय आज काफी लंबा सफर तय कर चुके हैं। अब जब वो मुंबई इंडियंस की तरफ से खेल रहे हैं मार्कंडेय चाहते हैं कि वो अपने प्रदर्शन के बलबूते मुंबई इंडियंस की टीम में अपना योगदान दें।

एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में मार्कंडेय ने कहा था कि हमारी टीम का अगले दिन मैच था, लेकिन मुझे उस रात नींद नहीं आ रही थी। मैच के दिनों में आपको फोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है, लेकिन शाम को जैसे ही मैंने अपना फोन चेक किया, मुझे 37 मिस्ड कॉल्स और 300 मैसेज मिले। मैंने अपने कुछ दोस्तों को तुरंत फोन किया और फिर मुझे पता चला कि मुझे मुंबई इंडियंस की टीम ने आईपीएल के लिए चुन लिया है। मुझे उस समय यह खबर सुनकर बिल्कुल भरोसा नहीं हुआ। उसी समय मुझे मुंबई इंडियंस के टीम मैनेजर राहुल सांघवी का फोन आया, जिसके बाद मुझे अपने चयन पर भरोसा हुआ।

मार्कंडेय ने लोगों को अपनी तरफ तब आकर्षित किया जब उन्होंने वियज हजारे ट्रॉफी में 10 विकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांच विकेट लेकर सबको चौंका दिया, लेकिन भटिंडा में जन्में इस खिलाड़ी की क्रिकेट यात्रा एक दशक पहले शुरू हुई थी। पटियाला में पूर्व भारतीय खिलाड़ी रितेंद्र सिंह सोढ़ी के पिता के मार्गदर्शन में मार्कंडे की ट्रेनिंग हुई। वह कहते हैं कि इसी के साथ मेरे गेम में काफी सुधार हुआ और फिर मैं दूसरे अकादमी चला गया जिसे मुनीस बाली सर चलाया करते थे।

अपने डेब्यू मैच में कमाल करने वाले मयंक मारकंडेय ने कुछ इस अंदाज में की बॉलिंग

मुंबई इंडियंस के ट्रॉयल्स के दौरान मैंने शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन मुझे इस बात पर बिल्कुल भरोसा नहीं था कि मुझे नीलामी के दौरान मुंबई इंडियंस अपने टीम में चुन लेगी। वास्तव में, आने वाले दो सालों में मैं मानसिक रूप से डोमेस्टिक क्रिकेट में और बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था। सच कहूं तो मैं उस समय आईपीएल के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा था।

मयंक ने 10 या 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। वो एक तेज गेंदबाज बनना चाहता था, लेकिन शुरूआत में उनकी गेंदबाजी में वो तेजी नहीं थी। अकादमी के कोच ने उन्हें कई बार तेज गेंदबाजी छोड़ने की बात कही। इसके अलावा, वे इस तथ्य से काफी प्रभावित थे कि वो हाथ के पीछे से धीमी गति की गेंद को काफी अच्छे तरह से फेंकते थे। उन्हें सुझाव मिला कि वो लेग स्पिनर बनें। इसके बाद उन्होंने इस पर दो बरसों तक काफी काम किया, यह जानते हुए कि वो गूगली काफी अच्छी तरह फेंक सकते थे।

कल के मैच में मयंक मार्कंडेय के साथ इविन लुईस और चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से मार्क वुड ने आईपीएल में अपना डेब्यू किया। इविन लुईस आईपीएल में चेन्नई के खिलाफ अपने पहले मैच में ही दूसरी गेंद पर आउट हो गए और डीआरएस की मदद से आउट होने वाले आईपीएल में पहले खिलाड़ी भी बने। वहीं मयंक ने तीन विकेट लेकर चेन्नई के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया।

मार्कंडेय खुद सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन हैं और स्पिन के जादूगर शेन वार्न को काफी करीब से देखते हैं। वह कहते हैं कि मैं उनका खेल और उनकी बॉलिंग को काफी नजदीक से देखा करता था। हालांकि मेरे पसंदीदा खिलाड़ी रोहित शर्मा हैं। इस बार आईपीएल में वह रोहित शर्मा की कप्तानी में ही खेल रहे हैं, जिसे लेकर वो काफी उत्साहित हैं। मार्कंडेय ने कहा कि वो रोहित शर्मा से मुंबई इंडियंस के कैंप में मिले जहां रोहित ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मुझसे सकारात्मक तरीके से बात की और मुझे आशा है कि वो मुझे सिखाते रहेंगे कि कैसे गेम को अप्रोच करना चाहिए। मुझे यकीन है कि मैं उनसे काफी कुछ सीखूंगा।