एक्टिंग की दुनिया में गोण्डा का नाम रौशन करना चाहते हैं अरविंद

  • बॉलीवुड सिंगर कुमार शानू के बांगला एल्बम मे भी दिखा चुके हैं एक्टिंग का जादू 

एन.के मौर्य

गोण्डा। कदम चूम लेती है खुद आके मंजिल, मुसाफिर अगर तूँ हिम्मत न हारे। अनाम शायर की ये पंक्तियां वजीरगंज क्षेत्र के अचलपुर परसहवा निवासी भोजपुरी एक्टर अरविंद पाण्डेय पर बिल्कुल सटीक बैठती है, जो एक्टिंग की दुनिया मे सितारा बनकर चमकने के साथ साथ वजीरगंज क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहते हैं।

बताते चलें कि वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम परसहवा अचलपुर निवासी 20 वर्षीय अरविंद पाण्डेय पुत्र राम बिलास पाण्डेय को बचपन से ही एक्टिंग करने का शौक है, वह चाहता कि महान एक्टर बनकर अपने वजीरगंज क्षेत्र का नाम रोशन करे ताकि लोग उस पर गर्व कर सकें। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक्टिंग की दुनिया में अरविंद ने एक्टर बनने के लिए भागीरथी तप करना शुरू कर दिया। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लायी और सन 2014 मे उसे भोजपुरी एल्बम ‘सनेहिया लगा के भइली दूर हो’ मे साइड रोल एक्टिंग करने का मौका मिला।

बताते चलें कि उक्त एल्बम से अरविंद ने भोजपुरी दुनिया मे कदम रखा, जिससे उसकी पहचान बनने लगी, इसी क्रम में दूसरा एल्बम ‘ भौजी के फेरा मे अजुराईल जाला’ में भी साइड एक्टिंग का मौका मिला, जिसमे इन्हें कुछ ख़ास ख्याति नही मिली। बावजूद इसके इन्होंने हिम्मत न हारी और महाभारत के अर्जुन की भाँति अरविंद पाण्डेय भी यह सोचकर अपने लक्ष्य पर अडिग रहे कि जिस सुबह का उन्हें बेसब्री से इन्तजार है व सुबह कभी तो आएगी।

कुमार शानू के एल्बम से मिली ख्याति

एक्टर अरविंद पाण्डेय से जब यह पूछा गया कि कोई ऐसा लम्हा हो जिसे वो भुला न पाये हों तो उनका कहना था कि अगस्त 2018 मे जब उन्हें सुप्रसिद्ध गायक कुमार शानू के बांगला एल्बम ‘ए जे लोगन फिरे ऐ लो’ मे मेन हीरो की भूमिका मिली तो उनके ख़ुशी का ठिकाना न रहा, उन्होंने बताया की उस आनंदित पल को मै कभी नही भूल सकता।

माता पिता को देते हैं गुरु का दर्जा

आने वाली हिंदी फ़िल्म ‘प्यार हो जाता है’ से अरविंद को काफी उम्मीदें हैं। गुरु के बारे मे पूछने पर अरविंद पाण्डेय का जवाब यकीनन दिल को छू लेने वाला था, उन्होंने कहा कि पग पग पर मेरी हिम्मत को बढ़ाकर मेरा साथ देने वाले मेरे माता पिता ही मेरे गुरु हैं। उन्ही के आशीर्वाद से मै आगे बढ़ रहा हूँ, और मेरी हार्दिक इच्छा है कि मै एक्टिंग की दुनियां मे आगे जाकर अपने माँ बाप के साथ वजीरगंज क्षेत्र का नाम भी रोशन करूँ।