कबूतरबाजीः विदेश जाने वाले हो जाएं सावधान

विदेश जाने वाले यह रिपोर्ट जरूर देखें और सतर्क हो जाएं। सावधान …आये दिन कबूतबाज़ी का शिकार बन रहे हैं लोग। देश के प्रमुख साप्ताहिक अखबार और न्यूज पोर्टल ‘नया लुक’ के देवरिया ब्यूरो चीफ लाल बाबू गौतम और कुशीनगर ब्यूरो चीफ अनिल जायसवाल ने इस मामले की पड़ताल  उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। क्या है पूरा मामला देखिए इस खास पड़ताल में..,

कुशीनगर। एक दिन मशहूर गायक दलेर मेंहदी पुलिस सलाखों के पीछे पहुंच गए। सुर्खियां बनीं कि कबूतरबाजी के चक्कर में वह जेल गए हैं। बड़ी हस्ती होने के नाते यह चर्चा में आ गए लेकिन पूर्वांचल के कई ऐसे एजेंट हैं जो हर माह हजारों लोगों को विदेश भेजते हैं। युवक विदेश तो चला जाता है लेकिन उनके साथ जो होता है, वह वही जानते हैं।

प्रशासन ने कबूतरबाजी पर अंकुश लगाने की  कवायद शुरू भी की थी, जिसके बाद विदेश भेजने वाली एजेंसियों और एजेंटों की दुकानें तकरीबन बंद हो गई थीं। लेकिन कुछ दिनों बाद यह कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में चली गई और कबूतरबाजी करने वाले लोग फफूंद की तरह फिर पसरने लगे। अभी कुछ माह पहले ही कुशीनगर पुलिस अधीक्षक ने कई एजेंसियों व ट्रेनिंग सेंटरों को पुलिस ने नोटिस भेजकर रजिस्ट्रेशन से संबंधित कागजात तलब भी किया था। इसके बाद कई फ़र्ज़ी तो अपनी दुकान बंद कर फरार हो गये, लेकिन पुलिस की एक बार की इस कार्रवाई से उनके हौंसले पस्त नहीं पड़े। कुछ दिन बाद फिर से वह अपनी फ़र्ज़ी दुकानों को खोल लिए और पूरे जोश-खरोस के साथ सक्रिय हो गए।

  • विदेश भेजने के नाम पर आए दिन हो रही धोखाधड़ी
  • इन घटनाओं से अच्छी तरह वाकिफ है केंद्र सरकार

कुशीनगर जिले से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए विदेश जाते हैं। एजेंट बेरोजगार युवाओं को अच्छी पगार पर विदेश भेजने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। उनसे मोटी रकम वसूल कर गायब भी हो जाते हैं तो कभी पर्यटक वीजा देकर उन्हें विदेश भेज देते हैं। वहां पहुंच कर यह युवक फंस जाते हैं। फंसे लोगों को स्वदेश वापसी के लिए मशक्कत भी सरकार प्रशासन व परिवार वालों को करनी पड़ती है। आए दिन हो रही इस तरह की घटनाओं से कई परिवार सकते में भी आ जाते हैं, जबकि प्रशासन खुद को अलर्ट मानते हुए लोगों को विदेश भेजने वाली एजेंसियों की पड़ताल भी करता रहता है।

हालांकि पुलिस अक्सर योजना बनाकर इन पर कार्रवाइयां भी करती हैं, लेकिन अपनी ऊंची रसूख के चलते यह धीरे से दोबारा उग आते हैं और पुलिसिया कार्रवाई धरी की धरी रह जाती है। इसका खुलासा तब होता है जब कोई युवक इन कबूतरबाजों का शिकार बन जाता है।

नया लुक ने इसके हकीकत की पड़ताल ज़ीरो ग्राउंड से की तो हैरान करने वाली बात सामने आई। सूचना मिली कि कुशीनगर के हेतिमपुर बाजार के नज़दीक आइकॉन इंस्टिट्यूट व ट्रेनिंग सेंटर नाम की एक चिटफंड संस्था पूरे नियमानुसार को ताक पर रखते हुए इंटरव्यू के लिए आज अपने संस्थान युवकों को बुलाया था। वह अपने मकसद में कामयाब हो पाता उससे पहले  पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद पूरे स्टाफ में खलबली मच गई। धीरे-धीरे सब रफू-चक्कर होने लगे। नया लुक के कैमरे ने उस शख्स को पकड़ ही लिया जो विदेश भेजने के लिए इस संस्थान पर इंटरव्यू लेने पहुंचे थे। साहब का तो कैमरा देखते ही पसीने छूटने लगा और साहब धीरे-धीरे बहाने से गाड़ी में बैठ मौके से फरार हो गए।

सबसे बड़ी बात पड़ताल के दौरान यह निकली की जिस संस्थान का रजिस्ट्रेशन बिल्डिंग के डिस्प्ले पर दिख रहा था वह एक चिटफंड रजिस्ट्रेशन करवाया गया था और बिल्डिंग के अंदर जितने भी मशीनें रखी गई थी किसी भी ट्रेड का लाइसेंस नही था। इसकी जानकारी स्थानीय थाने को दी गई तो चौंकाने वाली बात निकल के सामने आई कि आइकॉन इंस्टीट्यूट व ट्रेनिंग सेंटर पर पहले से ही मुकदमा दर्ज है और इसी मुकदमे के चलते इनको थाने से इंटरव्यू का परमिशन नही मिला था। पुलिसिया आदेश की नाफरमानी कर यह संस्था इंटरव्यू करवा रही थी। यूं कहें तो इन संस्थाओं को कानून नाम का डर नहीं है। वह बिना किसी डर के इंटरव्यू करवा रही हैं बेरोजगारों को फांस रही हैं। रोजगार की तलाश कर रहे युवकों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करना इनकी आदत में शुमार हो चुका है। इस बार भी यह कम्पनी अपने मंसूबे में कामयाब हो पाती उससे पहले ही  इनके कारनामों का भंडाफोड़ हो गया और कई बेरोजगार कबूतरबाज़ी का शिकार होने से बच गए। कुशीनगर के पुलिस कप्तान कहते हैं कि इनके खिलाफ जांच करवाई जाएगी और निश्चित तौर पर इन पर कार्रवाई होगी।

एजेंसी के बारे में जरूर पता करें बेरोजगार

इन संस्थाओं के कार्यों पर नज़र डालें तो यह बात निकलकर सामने आई कि अगर लोगों को विदेश जाना है तो सबसे पहले इन एजेंसी के विदेश मंत्रालय में इस कार्य के लिए पंजीकृत है या नही की जानकारी जरूर पता करनी चाहिए। विदेश जाने वाले युवकों समय-समय पर प्रशासन से जानकारी लेते रहना चाहिए। विदेश मंत्रालय से भी जानकारी लेनी चाहिए। पूरे कुशीनगर जिले में इस तरह की दो ही एजेंसियां हैं, जिनका विदेश मंत्रालय में पंजीकरण है। जबकि जिले की पुलिस ने फ़र्ज़ी एजेसी की जांच के बाद जगह-जगह खुली एजेंसियों को नोटिस भी भेजा। पुलिस अधीक्षक ने यब भी बताया कि लोगों को विदेश भेजने वाले एजेंटों कीसूची तैयार कराकर नोटिस भेजी भी गई है। अगर किसी एजेंट का जवाब नही आता है तो इन फर्जी ढंग से विदेश भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।