किताबों के बीच खिल रहा बच्चों का सतरंगी संसार

लखनऊ। देखा जाए तो रंगबिरंगी चीजों से बच्चों को लुभाने के तौर तरीके पुराने पड़ते जा रहे हैं। आज के बच्चों को गतिमान चीजें और मोबाइल कहीं ज्यादा लुभा रहा है पर तरंगों के विकरण के नाते ये उनके लिए कहीं घातक भी हो रहा है। रवीन्द्रालय लाॅन चारबाग में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में बच्चों के स्वप्निल संसार को विकसित करने और सहेजने के लिए इतना कुछ है कि हर किसी के लिए इसे समेटना नामुमकिन है। यहां आने वाले पुस्तक प्रेमी अपनी मनपसंद पुस्तक भले ही छोड़ दें पर नई पीढ़ी को सीख देने वाली किताबें और शिक्षात्मक खिलौने जैसी अन्य सामग्री जरूर ले रहे हैं। सुबह 11 से रात नौ बजे तक जारी निःशुल्क प्रवेश वाले इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले में सभी ग्राहकों को पुस्तकों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है। समापन की ओर बढ़ चला यह मेला हिन्दी दिवस 14 सितम्बर तक चलेगा।

राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आज आठवां दिन था। मेले में रौनक भी आज सुबह से थी। स्कूली बच्चे भी आज यहां ड्रेस में किताबें टटोलते नजर आए। किड्स फैक्ट्री के स्टाल पर बच्चों की हिन्दी व अंग्रेजी में कखग व पंचतंत्र से लेकर नैतिक और रुचिकर बाल साहित्य की लगभग डेढ़ सौ पुस्तकें हैं। राजपाल के स्टाल पर विश्वप्रसिद्ध बाल कथाओं में काला घोड़ा, राॅबिन हुड, राबिन्सन क्रूसो, सिंदबाद जैसी अनेक किताबें हैं। एनसीपीयूएल के साथ ही उर्दू अकादमी के स्टाल पर उर्दू में असरारे कायनात, अनोखी मछलियां, रूसी कहानियां और उर्दू सीखिए जैसे कई प्रकाशन कमी दामों और छूट पर हैं। एजूकेशनल एण्ड सांइटिफिक एड के स्टाल पर बच्चों के मगजपच्ची वाले खिलौने, पजल्स, रेतघड़ी, कुतुबनुमा, टेलिस्कोप, प्रिज्म सहित बहुत से उपयोगी उपकरण हैं। लगभग हर स्टाल पर बच्चों के लिए उपयोगी सामग्री, सीडी-डीवीडी या किताबें जरूर मिल रही हैं।

प्रमुख आयोजनों में आज यहां हीरेन्द्र झा की प्रमुख 16 पत्रकारों के साक्षात्कारों पर आधारित पहली पुस्तक मीडिया के दिग्गज का विमोचन वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल, दयानन्द पाण्डेय, राजभाषा अधिकारी पवनकुमार जैन व अन्य गणमान्य अतिथियों के बीच बिंदु जैन के संचालन में हुआ। सुंदरम साहित्य संस्थान के नरेन्द्र भूषण की अध्यक्षता व हरिमोहन के संचालन में चले सम्मान समारोह में लेखक धनन्जय सिंह व प्रसारणकर्ता आत्मप्रकाश मिश्र के सहित तीन रचनाकारों को अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित किया गया। मीर तकी मीर फाउण्डेशन द्वारा हर्षित मिश्र के संयोजन व सर्वेश अस्थाना की सदारत में चले रंग ए मीर मुशायरे में निजामत कर रहे शाहबाज तालिब, अनुपम श्रीवास्तव, मंजुल मंजर, संतोष सिंह, वसीम, मकाम, आतिफ गोण्डवी, अहमद कमाल, मोहम्मद अली साहिल आदि रचनाकारों के कलाम सामने आए।

तीसरा कम्बल जैसे कथा संग्रह के लिए जाने गए रचनाकार महेन्द्र भीष्म के किन्नर पायल पर लिखे उपन्यास मैं पायल….पर उनके साथ मानसी द्धिवेदी, पायल किन्नर, दयानन्द पाण्डेय, दयानन्द पाण्डेय व रंगकर्मी नवल ने विचार रखे। साथ ही उपस्थित पुस्तक प्रेमियों से संवाद भी हुआ।

पुस्तक मेले में आज होने वाले कार्यक्रम की रुपरेखा
पूर्वाह्न 11.00 बजे – अभा अगीत परिषद की काव्यगोष्ठी
अपराह्न 3.30 बजे – दाना पानी संस्था की प्रस्तुति- दादी नानी की कहानियां
शाम 5.30 बजे – एक शाम आसिफों के नाम पुस्तक का लोकार्पण
शाम 7.00 बजे – संत निरंकारी मिशन का सत्संग