किस राशि के लोग किस तरह पूजा करें कि प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी

मां लक्ष्मी अपने भक्तों की धन से जुड़ी हर तरह की समस्याएं दूर करती हैं। इतना ही नहीं, देवी साधकों को यश और कीर्ति भी देती हैं। अगर लक्ष्मी रुष्ट हो जाएं तो घोर दरिद्रता का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष में शुक्र ग्रह से इनका सम्बन्ध जोड़ा जाता है। आइए, अब जान लेते हैं कि इनकी पूजा से किन-किन फलों की प्राप्ति होती है। इनकी पूजा से केवल धन ही नहीं, बल्कि नाम, यश भी मिलता है। इनकी उपासना से दाम्पत्य जीवन भी बेहतर होता है। इस दिवाली सभी राशियों के लिए अलग-अलग पूजा विधियां हैं। यदि इन राशि के लोग इस तरह पूजा करेंगे तो माता प्रसन्न होंगी और सभी सुख-समृद्धि और धन-धान्य से परिपूर्ण कर देंगी।

मेष राशि वाले लाल रंग का आसन लगाकर लाल वस्त्र धारण करके लक्ष्मी गणेश की पूजा करें। साथ ही ध्यान रखें कि कारपेट पुष्पों के द्वारा अर्चन करें और पीपल की समिधा पर हवन करने से उनको अधिक लाभ होगा। इसके अलावा वृष राशि वाले गुलाबी आसन पर गुलाबी वस्त्र पहनकर शमी के पत्तों के द्वारा लक्ष्मी गणेश का अर्चन करें और लक्ष्मी सहस्त्रनाम और गणपत सहस्त्रनाम का पाठ करें। मिथुन राशि वाले पीटरसन का प्रयोग करें और हरित मिश्रित रंग का कपड़ा पहन कर दुर्गा के साथ गणेश का पूजन लक्ष्मी जी का पूजन करें। सनद रहे कि उन्हें कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से मिथुन राशि वालों को अधिक लाभ प्राप्त होगा।

कर्क राशि वाले सफेद आसन का प्रयोग करें और सफेद वस्त्र धारण कर गणेश लक्ष्मी का अभिषेक करें। इस राशि के लोग यदि अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए लक्ष्मी के मंत्र का जप करेंगे तो उनकी सभी मनोकामना सिद्ध होंगी। इसके अलावा सिंह राशि वाले लाल आसन पर बैठकर पूजा करें। यदि सिंह राशि के लोग लाल रंग के वस्त्र धारण कर कमल के पुष्पों के साथ दिवाली पूजन करेंगे तो उनके रुके हुए कार्य सिद्ध होंगे और लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

इस दिवाली कन्या राशि वाले विचित्र रंग के कपड़े धारण कर विचित्र आसन पर बैठकर के लक्ष्मी गणेश का पूजन करना चाहिए। इस राशि के लोग विशेष पूजन के लिए अपामार्ग के पुष्पों का प्रयोग करें और मनोवांछित फल प्राप्त करें। साल 2018 की दीपावली में तुला राशि वाले गणेश लक्ष्मी का पूजन करें। ख्याल रखें कि इस बार इस राशि के लोग श्वेत वस्त्र धारण करें। श्वेत आसन पर पूजन करने से इनकी मनोकामना सिद्ध होगी। गुलाब के फूलों से से पूजन करते हुए श्रीसूक्त का पाठ करने से निश्चित ही बड़ा लाभ होगा।

वृश्चिक लग्न वाले लाल या पीला वस्त्र लाल या पीला आसन के साथ पूजन करें। विशेषकर केसर युक्त चंदन गणेश और लक्ष्मी को अर्पण करें और स्वयं भी लगाएं। श्री सूक्त या लक्ष्मी सूक्त का पाठ करने से उन्हें वर्षभर शुभ फल प्राप्त करें। ऐसा करने से इन राशि वालों के विवाहित जीवन में आ रही दिक्कतें भी खत्म हो जाएगी। साथ में जिन लोगों का विवाह हो गया है, उनको खुशहाली प्राप्त होगी।

इस दिवाली धनु लग्न वाले धानी रंग का प्रयोग करें। साथ ही सुंदर आसन पर बैठ मंदार पुष्प के साथ श्री गणेश लक्ष्मी का पूजन करें। लक्ष्मी जी को विशेष कमल के पुष्प अर्पण करें। श्री लक्ष्मी नारायण का जप करना इन के लिए श्रेष्ठ रहेगा, उनके काम में आई बाधाएं समाप्त होंगी। मकर राशि वाले मेघ रंग के वस्त्र धारण कर कमल के पुष्पों के साथ सहस्त्रनाम का जब करते हुए लक्ष्मी नारायण का पूजन करें। वही कुंभ लग्न वाले सफेद वस्त्र धारण कर कौमुदी के पुष्प से लक्ष्मी गणेश का पूजन करें और मोदक का भोग लगाकर श्रीसूक्त का जप करने से उनको लाभ प्राप्त होगा। इसके अलावा मीन राशि वाले इस बार तोहस धारण कर लक्ष्मी गणेश का पूजन करने के साथ नारायण का भी पूजन करें। केसर का चंदन अर्पण करके विष्णु सहस्त्रनाम लक्ष्मी सूक्त का पाठ करने से लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती हैं और धन-धान्य से परिपूर्ण कर देती हैं।

लक्ष्मी पूजन में कुछ सावधानियां हैं जरूरी...

मां लक्ष्मी की पूजा के कुछ नियम है, अगर इन नियमों का पालन न किया जाए, तो मां नाराज भी हो जाती हैं। मां लक्ष्मी की पूजा सफेद या गुलाबी वस्त्र पहनकर करनी चाहिए। मां लक्ष्मी के उस प्रतिकृति की पूजा करनी चाहिए, जिसमें वह गुलाबी कमल के पुष्प पर बैठी हों। मां लक्ष्मी को गुलाबी पुष्प, विशेषकर कमल चढ़ाना सर्वोत्तम रहता है। मां लक्ष्मी के मन्त्रों का जाप स्फटिक की माला से करने पर वह तुरंत प्रभावशाली होता है। मां लक्ष्मी की पूजा के लिए मध्य रात्रि सर्वोत्तम माना जाता है।

ये न करें नहीं तो अप्रसन्न हो जाएंगी महालक्ष्मी

अक्सर महिलाएं दिवाली के मौके पर लेन-देन के बारे में तो खूब सोचती हैं, लेकिन अक्सर वे इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं होतीं कि किस सीमा से ज्यादा खर्च करना उनके लिए सही नहीं है। त्योहार पर घर के सजावट के सामान, परिवार वालों के कपड़े और अपने लिए महंगी साड़ियां लेने की चाहत उनका बजट बिगाड़ देती है। बजट से ज्यादा खर्च करने पर उन्हें आगे के महीनों में अपना हाथ बांधकर चलना पड़ता है, इससे त्योहार की यादें कुछ फीकी सी लगने लगती हैं।

दिवाली पर महिलाएं घर के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचती हैं। चाहें घर की साफ-सफाई हो, सजावट का काम हो या फिर पूजा कराने के विधान का, कई बार महिलाओं के घर के दूसरे सदस्यों से विचार नहीं मिलते। परिवार के हर सदस्य की प्रकृति अलग हो, यह कोई हैरानी की बात नहीं है, लेकिन मुश्किल तब आती है, जब महिलाएं फेस्टिव टाइम में घर के दूसरे सदस्यों को अपनी इच्छानुसार काम करने के लिए अत्यधिक दबाव डालती हैं। ऐसे में अगर आप धैर्य के साथ घर के सदस्यों से हेल्प लें और उन पर बहुत ज्यादा प्रेशर ना डालें, तो आप सभी त्योहार का पूरा मजा ले सकते हैं।