कुम्भ को लेकर कमिश्नर सख्त, कई आदेश प्रयागराज में पारित

  • कहा- मच्छर-मक्खी विहीन बनाएंगे कुम्भ एरिया
  • साफ-सफाई पर विशेष जागरूक होने की जरूरतः गोयल

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले हफ्ते 15 जनवरी से शुरू हो रहे कुम्भ के दौरान साफ सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये मेला क्षेत्र को मच्छर एवं मक्खीविहीन करने के निर्देश दिए गए हैं। मण्डलायुक्त डॉ. आशीष गोयल ने कुम्भ मेला समेत शहर क्षेत्र में भी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने के लिये कहा गया है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को सम्पूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र को मच्छर एवं मक्खी विहीन करने का सख्त निर्देश भी दिया है। उन्होंने कहा है कि मेला ड्यूटी में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली और बहानेबाजी को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वेण्डर्स और स्टॉफ के पास एक सप्ताह में अवश्य जारी हो जाय। उन्होंने उद्यान विभाग द्वारा गमलों की तैयारी न होने और मनमाने तरीके से चौराहों पर गमलें लगा देने पर नाराजगी जताई है। चौराहों पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा गमलें लगाये जाने के निर्देश दिए है।

उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में लगभग सवा लाख टाॅयलेट स्थापित करते हुए स्वास्थ्य विभाग एक नया कीर्तिमान हासिल किया है, जो कि गीनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होगा। उनका सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है। संक्रामक रोगों के रोकथाम के लिए वेक्टर कंट्रोल यूनिट बनाई गयी है जिसमें एक प्रभारी अधिकारी, छह जोनल अधिकारी, 20 सेक्टर अधिकारी व 36 सर्किल में सर्किल इन्सपेक्टर एवं दो से तीन सुपरवाईजर प्रति सर्किल पूरे मेला क्षेत्र में एन्टी लारवल स्प्रेइंग व डीडीटी फॉगिंग द्वारा मच्छर, मक्खियों एवं अन्य कीटाणुओं द्वारा संक्रामक रोग की रोकथाम करेंगे। इसके अतिरिक्त एक टीम जिसमें दो असिस्टेंट मलेरिया ऑफिसर, दो मलेरिया इन्सपेक्टर व छह फील्ड वर्कर 24 घण्टे हेड क्वार्टर पर उपलब्ध रहेंगे।

सूत्रों ने बताया कि मण्डलायुक्त ने गत बुधवार को कुम्भ मेला स्थित मेला कार्यालय में सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में विभागवार मेला कार्यों की प्रगति की समीक्षा की थी। विभागों के सहयोग के लिए  स्वयंसेवकों को लगया गया है। सभी विभागों के अधिकारियों से आपस में बेहतर समन्वय बनाकर एक टीम भावना से काम करने के निर्देश दिये गये है। कमिश्नर ने बिजली के खम्भों पर अवैध होर्डिंग और साइनेज को अभियान चलाकर तत्काल हटाने का निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि रोड साइड पर अवैध होर्डिंग कत्तई नहीं होनी चाहिए। क्षेत्र में यह देख लिया जाये कि पानी, बिजली और शौचालय की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित रहें। मंडलायुक्त ने कहा है कि मेला प्रारम्भ हो गया है और यदि किसी विभाग का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है तो शेष काम को तत्काल पूरा कर लें।

मण्डलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, जल निगम, विद्युत विभाग के अधिकारियों को निचले स्तर के कर्मचारियों से बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि निचले स्तर का यदि कोई कर्मचारी कोई समस्या बताता है तो उसकों गम्भीरता से लिया जाये और उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की ड्यूटी प्रारम्भ हो गई है और उन्हें ड्यूटी पर मौजूद रहना होगा। डाॅक्टर सेक्टरों में कम से कम दो बार जाकर साफ-सफाई आदि का निरीक्षण करें और कोई कमी हो तो उसको तत्काल दूर करायें। सेनेटरी कालोनी को वह स्वयं देखेंगे। श्रमिकों के भुगतान पर जोर देते हुए कहा कि श्रमिकों का भुगतान कत्तई न रूके और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाय कि उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रमिकों को कोई समस्या होगी तो उसके लिए सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारी जिम्मेदारी माने जायेंगे। श्रमिकों को शिक्षित करने और उनके बच्चों को स्कूल भेजनें के निर्देश दिये। मेलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने बताया कि कुम्भ मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने मेला क्षेत्र में सेक्टर-दो में एक 100 बेड का केन्द्रिय चिकित्सालय स्थापित किया गया है, जिसमें हर विशेषज्ञ 24 घण्टे उपलब्ध रहेंगे। इसमें एक्सरे, अल्ट्रासाउण्ड, पैथालाॅजी की सुविधाएँ होंगी। इसके साथ 11 अन्य 20 बेड के सर्किल अस्पताल के द्वारा समस्त 20 सेक्टरों में चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी, जिसमें सेक्टर 14 तथा 20 में 20 बेड के दो संक्रामक रोग चिकित्सालय भी बनाए गए हैं। इनके अलावा मेला क्षेत्र में 25 फस्ट एड पोस्ट तथा मेला क्षेत्र के बाहर दस आउट हेल्थ पोस्ट स्थापित किये जा रहे हैं।

आपदा प्रबन्धन के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि केन्द्रीय चिकित्सालय में डिजास्टर मेनजमेंट कंट्रोल रूम बनाया गया है। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल पहुंचने वाली क्विक मेडिकल रेस्पॉन्स टीम का गठन सर्किल लेवल पर किया गया है। रेडिस रिस्पॉन्स टीम का गठन सर्किल हाॅस्पिटल के स्तर पर किया गया है। प्रयागराज के समस्त सरकारी व निजी हास्पिटल में उपलब्ध समस्त सुविधाओं व बेड की उपलब्धता का डाटा बेस तैयार कर लिया गया है। बर्न, स्टेम्पिड व ड्रांउनिंग की विशेष डिजास्टर किट की पर्याप्त संख्या आ गयी है जो सर्किल, फस्र्ट एड पोस्ट व अस्पताल में उपलब्ध रहेगी।

बताते चलें कि कुम्भ मेला में कार्यरत समस्त स्वास्थ्यकर्मी की फर्स्ट एड/ट्राईएज की एक-एक दिवसीय ट्रेनिंग नई दिल्ली, पटना, सफदरजंग हॉस्पिटल के विशेषज्ञ द्वारा कराई जा चुकी है। जनवरी के पहले हफ्ते में एनडीआरएफ द्वारा समस्त डॉक्टरों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है। आपदा प्रबन्धन में रिवर एम्बुलेंस के साथ एक एयर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।