गरीबों की झोपड़ी बचाने वाले नेता राजभर की पेशी आज

इलाहाबाद स्पेशल कोर्ट में पेश होंगे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ। सुभासपा के भासपा राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर कहते हैं कि दिसम्‍बर 2010 में चौबेपुर इलाके के ग्राम शाहपुर में गांव समाज की जमीन पर प्रशासन का बुल्डोजर चल रहा था, जिसे कुछ लोग कब्जा करना चाह रहे थे। अपना घर बनाए हुए गरीब परिवार के लोगों को प्रशासन ने बिना नोटिस के बुलडोजर लगाकर रात्रि में सभी के पक्के मकान ढहा दिए। इसी घटना के विरोध में ओमप्रकाश राजभर ग्रामीणों के साथ कमिश्‍नर आवास पर ज्ञापन देने गए थे। कार्यालय में अंदर जाने से पहले पुलिस ने उन्हें रोक लिया जिससे पुलिस अधिकारियों से उनकी झड़प हो गई। पुलिस ने कुछ देर बाद ओमप्रकाश राजभर सहित उनके समर्थकों के ऊपर लाठी चार्ज कर जेल भेज दिया गया। उस समय पुलिस ने ओमप्रकाश राजभर व उनके पुत्र अरविंद राजभर सहित आठ लोगों को जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई आज स्पेशल कोर्ट इलाहाबाद में हो रही है।

अरुन राजभर ने कहा कि सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने खुद कहा था कि नेताओं पर से राजनीतिक मुकदमे वापस होंगे। इसके लिए मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने खुद अमित शाह के साथ-साथ योगी आदित्‍यनाथ को भी पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जबकि बीजेपी के नेताओं के खिलाफ संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे वापस ले लिए गए। उन्होंने बीजेपी गठबंधन पर आज सवालिया निशाल लगाए और पूछा कि यह गठबंधन के साथियों के साथ सौतेला व्‍यवहार नही तो क्या है। बताते चलें कि यह मामला वाराणसी जिले के चौबेपुर थाने का है। जिसे वाराणसी कोर्ट ने इलाहाबाद के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में भेज दिया है।