गांव #Viallage के विकास की बात करना युवक Ramanand पर पड़ा भारी

  • Pradhan ने तीन गुर्गों के साथ कर डाली जोरदार पिटाई
  • कहा- शराब के नशे में गाली दे रहा था रामानंद

लाल बाबू गौतम

देवरिया। यूपी में कानून-व्यवस्था का बुरा हाल है। राजधानी लखनऊ में सरेशाम एक भाजपा नेता की हत्या हो जाती है तो राजधानी दिल्ली से सटे बुलंदशहर में एक कोतवाल को उग्र भीड़ जान से मार देती है। पूरब से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक कानून व्यवस्था ऐसे ही हांफ रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बैतालपुर क्षेत्र के गांव चतुर्भुजपुर का है, जहां एक दबंग ग्राम प्रधान केवल इस बात पर एक युवक की पिटाई शुरू देता है कि उसने ग्रामीण विकास कार्यों के बारे में पूछ लिया। इसी एक सवाल से झल्लाए ग्राम प्रधान ने अपने चार गुर्गों से साथ युवक की जमकर पिटाई की और उसे चिल्लाने का मौका भी नहीं दिया।

पीड़ित का कहना है कि गांव में एक गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। वहां उपस्थित लोगों ने पहले प्रदेश की राजनीति पर चर्चा की, फिर होते-होते गांव के विकास की चर्चा पर आ गए, तभी हम अपने गांव के नाली, शौचालय निर्माण की सही-सही तस्वीर बता दिए और यह भी बता दिया कि वहां जाकर देख लेने पर मेरी बात पुख्ता भी हो जाएगी। यही बात प्रधान को नागवार लगी और ग्राम प्रधान और उनके साथी डांटने-बोलने लगे। मैं कुछ समझ पाता या करता करीब आठ बजे बीच कार्यक्रम में ही वह चारो लोग मुझे मारने-पीटने लगे। इस घटना की सूचना मैं पुलिस को दे चुका हूं लेकिन पुलिस अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है।

देखिए क्या कह रहा है पीड़ित रामानंद और कहां की है यह घटना…

दूसरी ओर ग्राम प्रधान का कहना है कि रामानंद के एक साथी ने एक संदेश भेजा था। वही संदेश उनको कह दिया। यही बात रामानंद को नागवार लगी और शराब के नशे में वह हमें गाली देने लगा। हालांकि ग्रामीणों ने समझा-बुझाकर मामले को शांत करा दिया, उसके लगाए सभी आरोप निराधार है। वहीं रामानंद का कहना है कि ग्राम प्रधान कमलेश ने अपने तीन गुर्गों (चंद्रजीत, बबलू और सूरज) के साथ उसे जमकर मारा-पीटा, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है।

यहां भी पुलिस पर आरोप

दो दिन पहले राजधानी में भाजयुमो नेता प्रत्युषमणि त्रिपाठी के प्रकरण में जहां पुलिस दोषी है, वहीं इस प्रकरण में भी आरोप पुलिस पर ही लग रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ग्राम प्रधान के दबाव में कुछ भी कार्रवाई करने से बच रही है।