डीएलएड प्रशिक्षकों का ऐतिहासिक मेला प्रदर्शनी

  • जनपद के 23 महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं ने किया अनूठा प्रदर्शन
  • प्रदेश का पिछड़ा कहाँ जाने वाला जनपद अब शैक्षणिक क्षेत्र में पिछड़ा नही
  • जनपद के डायट पर हुआ अनोखा मेला/प्रदर्शनी
  • छात्र/छात्राओं के हस्तशिल्प के सभी हुए दीवाने

अरुण वर्मा
निचलौल/महाराजगंज। सरकार द्वारा बीटीसी प्रशिक्षण को डीएलएड में परिवर्तित किये जाने के बाद अब इसमें धार आता दिख रहा है। तहसील से लगायत जनपद में हूनर अब अपने मुकाम पर आता दिख रहा है। जनपद के 23 महाविद्यालयो के छात्र/छात्राओं ने इस प्रदर्शनी में कुछ ऐसा नजारा पेश किया है कि सभी ने दाँतो तले उंगुलियां रख ली।

मिली जानकारी के अनुसार अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महाराजगंज जनपद के करीब 23 महाविद्यालयो से संबन्धित डीएलएड के छात्र/छात्राओं के द्वारा मुख्यालय स्थित डायट कार्यालय पर प्रदर्शनी व मेला का आयोजन किया गया । जिसमें जनपद के सदर मुकाम महाराजगंज, आनन्दनगर, बृजमनगंज, चौक, निचलौल, राजाबारी, बहुआर, टीकुलहिया सहित अन्य महाविद्यालयो के छात्र/छात्रायें इसमें अपनी सहभागिता दर्ज किये। डीएलएड के छात्र/छात्राओं के द्वारा किये गए इस प्रदर्शनी/स्टाल मेला ने सभी का मन मोह लिया। इस आयोजन में प्राथमिक स्तर के बच्चों के पठन पाठन, ट्रेडिवीयर, घरेलू उपक्रम, वैज्ञानिक उपकरण, हस्तकला सहित तमाम तरह के प्रदर्शनियों का स्टाल के माध्यम से आयोजन किया गया। जिसमें राजेन्द्र प्रसाद ताराचंद महाविद्यालय की छात्रा कु. साक्षी वर्मा, प्रियंका कान्दू, हर्षिता मद्धेशिया, ब्यूटी मोदनवाल, कृतिका रौनियार, ज्योति कन्नौजिया सहित तमाम का कहना था कि इस तरह के आयोजनों से हमारी प्रतिभा में निखार आएगा। वही महाविद्यालयो के अध्यापक आशुतोष मिश्रा, हेमन्त यादव, भरत जी, अमरनाथ गुप्त ने बताया कि इस तरह का आयोजन प्रशिक्षित छात्रो के लिए स्वावलंबी बनाने के लिये कारगर है।