दम घुटने से हुई थी ग्राम प्रधान की मौत

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच आया सामने, विसरा सुरक्षित
    ए.अहमद सौदागर
    लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र के भुलसी गांव निवासी 37 वर्षीय ग्राम प्रधान मनोज रावत की मौत दम घुटने से हुई थी। सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सच सामने आया है,जबकि पुलिस ने विसरा जांच के प्रयोगशाला भेजा है। वहीं घरवाले प्रधानी की हत्या किये जाने की आशंका को लेकर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस पूरी तरह से घटना को दबा रही है और मौत की वजह नाले में डूबकर होना बता रही है। इस मामले में एएसपी ग्रामीण डॉ.सतीश कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।
    मलिहाबाद के भुलसी गांव के ग्राम प्रधान मनोज रावत का रविवार की सुबह शव गांव के बाहर स्थित नाले में पड़ा मिला था,जबकि उनकी बाइक कुछ दूर पर खड़ी मिली थी। मनोज की शरीर पर चोट के निशान के अलावा मुंह में कीचड़ भरा हुआ था। शव मिलने की खबर पाकर मौके पर पहुंचे घरवाले व उनके समर्थक मनोज की हत्या किये जाने की आशंका जाहिर कर शव सड़क पर रख कर प्रदर्शन किया था। पुलिस किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इस बाबत एएसपी ग्रामीण डॉ.सतीष कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत होने की वजह पुष्टि हो गई है कि मनोज की मौत दम घुटने से हुई थी। एएसपी ग्रामीण का कहना है कि विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है,लिहाजा उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से वजह साफ हो सकेगी कि मौत कैसे हुई। वहीं घरवालों का आरोप है कि पुलिस व डॉक्टर भले ही मौत की वजह दम घुटने से होने की बात कर रहे हैं,लेकिन इनकी बात उन्होंने विरोधाभास बताया। परिजनों का कहना है कि जिस नाले मनोज का शव मिला उसमें डूबने पर पानी नहीं था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा भी जांच पड़ताल की जा रही है,लिहाजा पुलिस विसरा रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है।