दो साल में ही योगी सरकार की हवा हो गई फुस्सः मेंहदी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी सिराज मेंहदी ने आरोप लगाया है कि आर्थिक अपराधियों को देश से भगाने की दोषी भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस नेता राबर्ट वाड्रा पर उन मुकदमों को लेकर बेबुनियाद आरोप लगा रही है, जिनकी जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की केन्द्र और राज्य सरकारें हर मोर्चे पर विफल रही है, तभी भगवान श्री राम की बजाय उनके भक्त हनुमान के नाम के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है।

मेंहदी ने कहा कि बीजेपी की मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने भी अपने लम्बे कार्यकाल में जनकल्याण की कोई योजनाएं नहीं चलाई। यही वजह है कि इन राज्यों में बीजेपी के प्रति जनता में जर्बदस्त रोष है और वहां बदलाव की बयार चल रही है। इन राज्यों में भाजपा हिन्दुत्व कार्ड खेलकर एक बार फिर जनता को ठगने का प्रयास कर रही है जिसमें उसे इस बार सफलता नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने बड़े तेवर के साथ यूपी की कमान संभाली थी लेकिन दो वर्ष के कार्यकाल में ही गुब्बारे की हवा निकल गई है। राज्य की कानून व्यवस्था की हालत निरन्तर बदतर होती जा रही है। अपराधी भयमुक्त होकर घूम रहे हैं। किसान, नौजवान और श्रमिक अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। हर मोर्चे में विफल यूपी के मुख्यमंत्री अपने राज्य को बदहाल छोड़ दूसरे राज्यों में समय बिता रहे हैं। मेंहदी ने कहा कि प्रचार के भूखे देश के पीएम नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस पर नामदार पार्टी होने का आरोप लगाते हैं जबकि हकीकत यह है कि भाजपा के बड़े नेताओं के बेटे, बहू, भाई सभी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव मैदान में हैं। मोदी जी को यह बात ठीक से समझ लेना चाहिए जिनके अपने मकान शीशे के होते हैं वह दूसरे के मकान पर पत्थर नहीं मारते।

मेंहदी ने कहा कि यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजबब्बर ने अपने सम्बोधन में किसी का नाम नहीं लिया है, बल्कि कहा है कि गुजरात में दो लोग गिरोह चला रहे हैं। अफसोस की बात है कि बीजेपी इसे अपने ऊपर ले रही है, इसका मतलब यह है कि राजबब्बर ने सही कहा है, उन्होने किसी का नाम नहीं लिया फिर बीजेपी को शक की बीमारी क्यों लग गयी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराधियों, ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या सरीखे बड़े आर्थिक अपराधियों को देश से भगाने की दोषी भाजपा राबर्ट वाड्रा पर उन मामलों को चुनाव में इस्तेमाल कर रही है जिनकी अभी जांच चल रही है और कोई दोषी भी करार नहीं दिया गया है।