धोनी कैसे बना लेते हैं सबको अपना मुरीद?

नई दिल्ली। पाकिस्तानी सपोर्टर चाचा शिकागों हों या फिर दिल्ली के विजय पांडेय, भारत के सबसे सफल कप्तान को मैदान पर देखकर सब उनके मुरीद हो जाते हैं। यह उनके खेल की खूबी ही है कि जो भी देखता है दीवाना बन जाता है।

नई दिल्ली निवासी अनूप पांडेय कहते हैं कि अभी हाल में खत्म हुए आईपीएल के 10वें सीजन में महेंद्र सिंह धोनी की धुंआधार पारी के चलते ही राइजिंग पुणे सुपरजाएंट फ़ाइनल तक पहुंच पाई थी। पहले क्वालिफायर में पुणे ने मुंबई इंडियंस को 20 रनों से हराया। पुणे के लिए भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने 26 गेंदों पर 40 रन बनाए, जिसमें पांच छक्के शामिल थे। बस अपनी छोटी सी धुंआधार पारी के लिए वह सोशल मीडिया पर घंटों तक छाए रहे। राइज़िंग पुणे सुपरजाएंट ने सबसे अधिक छक्के मारने के लिए उन्हें बधाई दी। धोनी ने 40 रनों में से 30 रन छक्कों से बनाए। धोनी ने ताबड़तोड़ पारी खेली। माही के बूते मार लिया मैदान, जैसे अनेक कोट्स सोशल मीडिया पर कई दिनों तक चलते रहे। कमेंटेटर हर्षा भोगले ने लिखा कि मुझे लगता है धोनी को इनाम मिलना चाहिए सुंदर को नहीं। धोनी से पिच पर डट कर मुकाबला किया। सुंदर ने अच्छी गेंदबाज़ी की और उन्हें धोनी के खेल से मदद मिली। वहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने लिखा कि एक बार के नहीं हमेशा ही जोश से भरे रहते हैं. धोनी आग उगल रहे हैं।

यूपी के स्टार बल्लेबाज रहे मोहम्मद कैफ़ लिखते हैं कि धोनी पारी के अंत तक खेलने का ख़तरा लेते हैं और आख़िरी कुछ गेंदों में धुंआधार खेल दिखाते हैं। वो लगातार ऐसा करने में सफल हुए हैं जो काबिलेतारीफ़ है। वहीं दिल्ली के विजय पांडेय कहते हैं कि शुरू के 17 गेंद से लग रहा था कि माही को संन्यास ले लेना चाहिए लेकिन आख़िरी के सात गेंदों पर उन्होंने ऐसा गजब खेल दिखाया कि लोग कहने लगे कि धोनी ही चैंपियन्स ट्रॉफ़ी जिता सकते हैं। कुछ इसी तरह का गुमान बशीर को भी है। वह चैम्पियंस ट्राफी में भारत को विजय दिला सकते हैं।