पत्रकार पर हमला, गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, नप गए थानेदार

लाल बाबू गौतम

देवरिया। एक पत्रकार के घर में घुसकर मारपीट व अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर खामपार थाना में चार अभियुक्तों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। बताते चलें कि 23 दिसंबर 2018 को पत्रकार रजनीश कुमार भारती के पत्रकारिता से रंजिश रखते हुए उनके घर में घुसकर किए गए मारपीट गाली-गलौज व तोड़फोड़ की गई। इस मामले में जब थानाध्यक्ष खामपार को प्रार्थना पत्र दिया तो थानाध्यक्ष खामपार विद्याधर कुशवाहा पर कई भाजपा नेताओं द्वारा दबाव बनाया गया। नेताओं ने सुशील मिश्रा उर्फ बजरंगी पुत्र सुदर्शन मिश्रा मुकदमा दर्ज नहीं हो इसके लिए स्वयं भी थानेदार पर दबाव बनाया था।

बताते चलें कि सुशील मिश्रा उर्फ बजरंगी अपने आप को भाजपा का नेता बताते हुए पुलिस व पत्रकारों सहित अन्य गरीब मजदूरों पर अपना रोग जमाता था वर्षों पूर्व इसके बड़े भाई अरुण मिश्रा पुत्र सुदर्शन मिश्रा, तरुण मिश्रा पुत्र सुदर्शन मिश्रा सहित पिता सुदर्शन मिश्रा व उसकी मां सहित दो बहनों को भी अरुण मिश्रा की पत्नी को जलाकर मारने के आरोप (दहेज उत्पीड़न) में जेल जाना पड़ा था। जिसमें चार लोगों की जमानत हुई और अभी भी दो लोग बिना जमानत के चल रहे हैं। रुपये के दम पर जल्द ही जमानत मिल जाने से इनका मन बढ़ा हुआ है, जिसको लेकर यह कभी भी किसी पर भी हमला बोल देते हैं। गरीब और कमजोर लोग इन लोगों के भय से कुछ कह नहीं पाते और कभी जब इनकी शिकायत पुलिस में जाती है तो यह लोग पैसे के बल पर उन मजदूरों की आवाज दबाने का कार्य करते हैं।

बस यही शिकायत पत्रकार रजनीश भारती ने भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के पत्रकार उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी सरदार दिलावर सिंह से लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर किया। उन्होंने संगठन के जिलाध्यक्ष एवम पूर्वांचल प्रभारी विश्वामित्र मिश्र को यह मामला देखने को कहा। श्री मिश्र ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में इसे डालकर स्वयम कार्यवाही कराया और तब जाकर कहीं रजनीश भारती का मुकदमा दर्ज हो पाया।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत धारा 323 504 506 427 452 सहित अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 के तहत धारा 3 (¹) द के तहत तरुण मिश्रा उर्फ खुल्लु मिश्रा पुत्र सुदर्शन मिश्रा, निवासी ग्राम सिरसिया पवार, सुशील मिश्रा उर्फ बजरंगी पुत्र सुदर्शन मिश्रा निवासी सिरसिया पवार, सुनील सिंह पुत्र केदार सिंह निवासी सिरसिया पवार, सुनील मिश्रा पुत्र सुदर्शन मिश्रा निवासी सिरसिया पवार के ऊपर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है।

अब देखना यह है कि पुलिस इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी कब करती है? इस बावात जब भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण पत्रकार संघ के पत्रकार उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी सरदार दिलावर सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा की यदि शीघ्र अतिशीघ्र खामपार पुलिस अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं करती है तो संगठन पत्रकार रजनीश भारती के साथ है और इन्हें न्याय दिलाने के लिए संगठन के सभी पदाधिकारी व सदस्य गणों सहित हम आर पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे। उन्होंने पत्रकारों के मामले में शिथिलता बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारियों पर भी नकेल कसने का कार्य करने को कहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पत्रकार के मामले को हल्के में लेने से नपे खामपार थानाध्यक्ष

खामपार थानाध्यक्ष विद्याधर कुशवाहा पत्रकार के मामले को हल्के में लेने के वजह से पुलिस अधीक्षक देवरिया ने उनका स्थानांतरण मदनपुर कर दिया। बताते चलें कि एक पत्रकार के उत्पीड़न का मुकदमा विगत कई दिनों से लटकाये होने के कारण पीड़ित पत्रकार बहुत क्षुब्द होकर अपने पत्रकार साथियों व महासंघ के बैनर तले आकर अपना मुकदमा दर्ज कराने में सफलता हासिल की। मामले की जानकारी होते ही एसपी देवरिया ने उनका स्थानांतरण मदनपुर कर दिया। उनके स्थान पर मदनपुर के प्रभारी निरीक्षक भीष्मपाल सिंह को खामपार थाना भेज दिया गया है।