पहली बार बिना सीट के ‘आउट’ हुए एक्सीडेंटल मिनिस्टर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तीन दिन पहले दो साल की हो गई। मौका था और दस्तूर भी, इसलिए एक सीएम, दो डिप्टी सीएम समेत यूपी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष समेत योगी काबीना के कई लोग प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे। बस यही से कहानी गड़बड़ा गई और योगी काबीना के अल्पसंख्यक मंत्री की तकदीर थोड़ी देर के लिए बेपटरी हो गई।

हुआ यह कि बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित समेत, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय और दूसरे उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को कुर्सी तो मिल गई लेकिन यूपी सरकार में अल्पसंख्यक कोटे के इकलौते राज्यमंत्री मोहसिन रजा को सीट नहीं मिली। कुछ देर तक वह इधर-उधर निहारते रहे लेकिन सीट मिलने की गुंजाइश न देख वह धीरे से खिसक गए।

इस सात मिनट के उनके सीट प्रयास के बारे में वरिष्ठ पत्रकार मनोज सामना कहते हैं कि साल 2017 के चुनाव के पहले तक तो वह पत्रकारों के साथ अक्सर बैठ जाया करते थे, लेकिन अब वह मंत्री हैं तो पत्रकारों के साथ बैठना कहां मुनासिब था। वहीं डीपी शुक्ल कहते हैं कि मोहसिन रजा पत्रकारों के अच्छे मित्र हैं, वह मंत्री होने के बाद भी इस तरह मिलते हैं, गजब का अपनापन दिखता है। वहीं सीनियर रिपोर्टर राजेंद्र प्रसाद उनकी बड़ाई में कसीदे गढ़ते हैं और फेसबुक पर पोस्ट करते हैं कि रजा साहब जहां भी मिलते दिल खोल कर मिलते है। लगता ही नहीं है कि भाजपा के मंत्री है। छायाचित्र में देखिए कि किस प्रकार से प्रहरी मिमांसा के संवाददाता राजेन्द्र प्रसाद से मिल रहे हैं।

…लेकिन ‘ध्यान योगी’ बन गए प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम

पत्रकारवार्ता के दौरान एक ओर सीएम आदित्यनाथ योगी सूबे के विकास की गाथा बयां कर रहे थे, वहीं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ध्यान योग में लीन थे। साप्ताहिक सामना के ब्यूरो चीफ मनोज श्रीवास्तव फेसबुक पर पोस्ट करते हैं ‘जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अपने कार्यकाल के शानदार दो वर्ष की उपलब्धि बता रहे थे, चौकीदार डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय जी और डॉ. दिनेश शर्मा सो रहे थे?’