पांचवी के जुलूस में हुआ दहकती छूरियों का मातम

  • हाय हुसैन की सदाओं से गूंजा वजीरगंज

एन.के मौर्य

गोण्डा। रसूल ए खुदा के नवासे इमाम हुसैन और  उनके 72 साथियों की करबला मे शहादत की याद मे मोहर्रम की पाचवीं का जूलूस वजीरगंज स्थित हादी हसन हाजी साहब के अजाखाने से निकले जुलूस से पहले मजलिस को मौलाना कमर अब्बास किबला ने खिताब करते हुए कहा कि आज दुनिया मे इसलाम को  बदनाम किया जा  रहा है, इस्लाम रसूल को तो मानते है लेकिन रसूल  की नही मानते, आज वो अगर रसूल के बताए  रास्ते पर चलते तो कौम बदनाम न होती।

मौलाना ने इमाम हुसैन  के  छोटे भाईं  हजरत अब्बास की् शहादत का  दर्रदनाक वाक्या पेशा  किया। जिसे सुनकर अजादार रो पड़े उसके बाद अलम जुलूस मातम करते हुए मुख्य मार्ग पर पहुँच कर दहकती छूरियों का मातम किया। मरहूम हिफाजत अली के आवास पर एक मजलिस मौलाना शबाब हैदर ने ब्यान किया। मजलिस के तुरन्त बाद अलम ए मुबारक का जुलूस अन्जुमन कासमिया ने  निकाला तथा मुख्य मार्ग परआकर छूरियों का मातम किया।

जलूस  मातम  करते  हुए गुलजार हुसैन, अकील रिजवी, कासिम रिजवी, बब्बन खान के आवास से होता हुआ पूर्व प्रधान शहंशाह के आवास डाक बंगले  पर पहुंच कर मातमी जुलूस का समापन कर दिया गया। इस मौके पर भारी पुलिस बल थाना प्रभारी के साथ मौजूद थी। जुलूस के समापन पर उजाला रिजवी ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।