बस एक्सीडेंट में एक बहन की मौत, वहीं विक्षिप्त बालक डूबा तालाब में

बुजुर्ग चाचा के साथ टहलने गया मानसिक विक्षिप्त युवक तालाब में डूबा, मौत

लखनऊ। राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र में अंसल सिटी में पानी भरे गड्ढे में गुरुवार को मानसिक विक्षिप्त युवक की डूब कर मौत हो गयी। सूचना पर पहुची पुलिस ने शव को पानी से निकाल कर पंचनामा भर कर पोस्ट मार्टम के लिए भेजा दिया।

चौकी इन्चार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि दाऊद नगर अंसल गोसाईगंज निवासी वीरेन्द्र कुमार यादव(22)पुत्र अर्जुन यादव मानसिक रूप से बीमार था। जिसका मेडकल कालेज से इलाज चल रहा था। गुरुवार दोपहर को अपने चाचा नन्दलाल के साथ टहलने निकला था। अंसल सिटी बरौना में मिट्टी की खुदाई करने से गड्ढा तालाब जैसा बन गया है। वहीं उसका पैर फिसल गया, जिससे वह गड्ढे में जा गिरा। बुजुर्ग चाचा ने आस पास के लोगों को बचाने के लिए आवाज लगाई, जब तक गांव के लोग बचाने के लिए पहुंचे तब तक काफी देर चुकी थी। युवक पानी में डूब गया था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। शव को बाहर निकला गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया।

स्कूटी सवार दो बहनों को बस ने मारी टक्कर, अध्यापिका बहन की मौत

राजधानी के नगराम इलाके में स्कूटी सवार दो बहनों को तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी। बस की ठोकर लगते ही दोनों दूर जा गिरीं। हादसे में अध्यापिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी को आसपास के लोगों ने किसी तरह से पुलिस की मदद से निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक बतायी जा रही है। पुलिस ने मतृका के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

गोसाईगंज के शिवलर गांव निवासी तेज प्रताप ने बताया कि उनकी दोनों बेटियां साधना (27)और सांध्या( 33) गुरुवार सुबह स्कूटी यूपी 32 एचजे 5175 से विद्यालय के निकली थीं। जब वह दोनों हरदोइया रेगुलेटर के पास पहुंची तो सामने से आ रही तेज रफ्तार बस यूपी 32 एचएन 6157 ने उनकी गाड़ी पर टक्कर मार दी। बस की जोरदार ठोकर लगते ही दोनों दूर जा गिरीं। हादसे में साधना व संध्या बुरी तरह से खून से लथपथ हो गयीं। आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस को दी तो वह मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह से दोनों को अस्पताल पहुंचाना चाहा लेकिन साधना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि संध्या की हालत गंभीर देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं साधना के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि साधना अविवाहित थी। प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत थी।