मानव तस्करी से निपटने के लिए आयोजित हुई गोष्ठी

नया लुक संवाददाता
लखनऊ। होटल लिनेज में मानव तस्करी के विरुद्ध एक गोश्ठी का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रतिनिधि शबनम पाण्डेय उपस्थित रही|
कार्यक्रम का सञ्चालन कैरिटास संस्था की कार्यक्रम प्रबंधक लीजा द्वारा किया, इसके बाद उमा थापा डिप्टी मेयर नेपाल राष्ट्र ने बताया कि नेपाल में मानव तस्करी को लेकर बहुत समस्या है किन्तु अभी स्थानीय सरकार होने पर कुछ कार्य प्रगति पर है लेकिन कोई कानून न होना भी समस्या है| इसके आलावा इंडिया और नेपाल में कॉम्बिनेशन होना जरुरी है जिससे एक दूसरे का सहयोग करके हम इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभा पाएंगे|जिसकी शुरवात कैरीटास की प्रोग्राम ऑफिसर श्रीमती लीजा ने स्वागत करते हुए किया|इसके बाद में श्रीमती लीजा ने बताया की स्वराक्षः परियोजना के माध्यम से हम मानव तस्करी पर काम इंडो नेपाल बॉर्डर उत्तर प्रदेश और बिहार में कर रहे है जिसमे नेपाल,उप और बिहार प्रतिभाग कर रहे है | इसके बाद नेपाल की मेयर श्रीमती उमा थापा ,सेंट्रल बोर्ड ऑफिसर श्रीमती नमूना भुसाल को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया|इसके बाद मिस नमूना प्रोग्राम मैनेजर चाइल्ड वेलफेयर नेपाल ने बताया कि मानव तस्करी एक संवेदनशील मुद्दा है,मानव तस्करी से बचाने के लिए जागरूकता जरुरी है|
बाल अधिकार विशेषज्ञ मोहम्मद आफताब ने बताया कि पहले रेड लाइट क्षेत्र में ही होती थी पर अब लेवर वर्ग भी इसके शिकार हो जाते है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हम ही नहीं कर रहे बल्कि शरीर विभिन्न अंगो को निकलने के लिए मानव तस्कर भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तस्करी में भी कर रहे है |इसके बाद उमा थापा डिप्टी मेयर नेपाल ने बताया कि मानव तस्करी को लेकर क्या करना है कही न कही कुछ न कुछ तो प्रॉब्लम है लेकिन अभी लोकल गोवेर्मेंट होने पर कुछ कार्य प्रगति पर है लेकिन कोई कानून न होना भी समस्या है | इसके आलावा इंडिया और नेपाल में कॉम्बिनेशन होना जरुरी है जिससे एक दूसरे का सहयोग करके हम इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभा पाएंगे और सोच बदलकर ही हम इसका समाधान कर सकते है|डॉ फादर ने बताया कि पार्टनर्स के साथ 600 जिलों में कैरीटास इंडिया कार्य कर रही है और के ऊपर भी ध्यान आकर्षित किया है तथा सामाजिक मुद्दों पर भी कार्य कर रही है तस्करी 12 से 16 वर्ष के बच्चो की तस्करी ज्यादातर यौन शोषण के लिए किया जाता है|
इसके बाद श्रीमती लीजा जी ने बताया कि 25 गावों में सघन रूप से महराजगंज और बहराइच के जिले में है एवं लखनऊ के झुग्गी बस्तियों में भी काम किया जा रहा है | फिर बताया कि तस्करी को रोकने के लिए नेटवर्किंग का होने बहुत जरुरी है क्योकि अगर पता चले की नेपाल का कोई बच्चा दिल्ली है तो हमारी पहुंच वह कैसे हो सकती है इसलिए बिना नेटवर्किंग के तस्करी को रोकना चुनौती होती है|
इसके बाद मुख्य कार्यकारी डॉ जितेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि बॉर्डर एरिया कोर्डिनेशन अच्छी है गांव स्तर और ब्लॉक स्तर पर ग्राम स्तरीय समिति कार्य कर रही है पर इसे सभी जगहों मजबूत पड़ेगा| एसएसबी द्वारा एरिया पर रेस्क़ुय होते है पर उन्हें संरक्षण देने में दिक्कत होती है क्योकि बच्चो को स्थानीय संस्थावो को सोप देते है बल गृह न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।मानव तस्करी को रोकने के लिए हम सभी लोगो को एक साथ मिलकर पहल करने होगी और निश्चित है की हम लोग मिलकर मानव तस्करी से मुकत कर पाएंगे और हम उन लोगो के साथ में कम कर रहे है जहा पर भविष्य में तस्करी होने की सम्भावना है|इसके बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मंत्री रीता बहुगुरणा जोशी की प्रतिनिधि सबनम पाण्डेय ने कहा कि संस्था द्वारा बहुत ही अच्छा कार्य किया जा रहा जा रहा है मानव तस्करी समाज में हो रहा तीसरा सबसे बड़ा अपराध है|फिर सीआरएस उमेश जी ने अपनी एक घटना शेयर किया जिस्समे लडकिय सर्कस में का म करती थी|और रेस्कुए पर चर्चाः की|
संलाप की मिस तप्तो ने बताया कि हमारी संस्था बांग्लादेश बॉर्डर पर कम कर रही है जब एक लड़की का रेस्कुए होती है इसके बाद भी उसे विषम परिस्थितयो का सामना करना पड़ता है एवं रेड लाइट के अनुभवों को साझा किया|इसके बाद ग्राम प्रधान बरवा कला महाराजगंज ने अपने यहाँ मानव तस्करी कि समिति बनाकर खुद उसकी मोनिटरिंग करने कि बात कही और बताया कि मेने संस्था पीजीएसएस के सहयोग से अपने गाँव को जिसमे 387परिवार है ओडीएपफ कर दिया गया है और गावं में सीसीटीवी लगवाने कि प्रोसेस चल रही है|इसके बाद में देहात आग कि लीडर फूल्जहाँ ने अपना अनुभव साझा कारते हुए बताया कि हम लोग नेपाल बॉर्डर के पास रहती है जहा जागुरुकताकि कमी से बच्चे अपने अधिकारों के प्रति सचेत नहीं थे संस्था के सहयोग से 1200 बच्चों का समूह बनाकर शिक्षअ,तस्करी और बाल विवाह रोका जा रहा है जिसके लिए देहात संस्था को धयान्वाद दिया|इसके बाद हिंदुस्तान के सुभाष मिश्रा ने अपनी बात रखते हुय बताया कि लोग लेबर के रूप में लेकर जाते है और झूठा प्रलोभन देकर भी मानव तस्करी करते है |इसके बाद सीडब्ल्यूसी लखनऊ के कुलदीप रंजन ने बताया कि घरेलु कम ,भीख मागने योन शोषण मानव तस्करी के अंतर्गत आते हे हम लोग एक वर्ष में लगभग 2400 केसों को हैण्डल किया जाता है|वही चेतना संस्था दिल्ली के भूपेंद्र जी ने बताया कि हमारी संस्था मानव तस्करी रोकने के लिए 12 जिलों मे कम कर रही है|इसके बाद सीआईएफ दिल्ली के अभिषेक पाठक ने बताया कि 25 वर्ष पहले जो स्थिती थी वाही आज है|इसके अलावा कार्यक्रम का संचालन लीजा जी ने व कार्यक्रम का प्रबंधन अनिमेष जी ने किया|कार्यक्रम का समापन आईएएस एमएस मिनिस्थ्य एस नैर ने किया|कार्यकर्म में नमूना धितल,सीडब्ल्यूसी ऋतू भट्टा,सचिन कुमार,एमएस शिमरय,रोनाल्ड डी,देहात के सत्येंद्रा पाण्डेय,हसन फिरोज,कृष्ण कुमार पाठक,निर्मला,पवन,रासिद,पीजीएसएस के फादर जयसन,सिस्टर सुचिता,क्लेंत,सरवन कुमार,संझाना चौधरी,धुरुब नारायण,पुजारी थापा,विनोद तिवारी,अनजुम अजीम,सीडब्ल्यूसी बहराइच रचना कटियार,महिला हेल्पलाइन 181,निर्णय जॉन,सचिन कुमार,कुशल, नीरज, अहेली, जया, रोजी, अमलराज, सुदीप,विजय,राजू ने भी प्रतिभाग किया|