मूल भन्सार के संचालन से दोनों ही देशों का होगा चौतरफ़ा विकास: युवराज

  • नेपाली वित्तमंत्री ने किया महेशपुर भन्सार कार्यालय का उद्घाटन
  • भारत समेत नेपाल के तमाम लोगों ने जताई खुशी

अरुण वर्मा/जीतेन्द्र गुप्ता

नवलपरासी(नेपाल)। महेशपुर स्थित छोटी भन्सार को दिन रविवार को मूल भन्सार के रूप में मान्यता दे दी गई। बतौर मुख्यातिथि नेपाल के वित्तमंत्री युवराज खतिवडा ने शिलापट्ट का आधारशिला रख विधि विधान से उद्घाटन किया।

अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिन रविवार की अपराह्न ढाई बजे के कार्यक्रम में 4 घण्टे विलम्ब शाम करीब 6:30 बजे नेपाल के वित्तमंत्री/पूर्व गवर्नर युवराज खतिवडा ने विधि विधान से महेशपुर स्थित मूल भन्सार का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नेपाल के पूर्व गृहराज्य मंत्री/सांसद देवेन्द्रराज कंडेल ने अपने संबोधन में कहां कि हमें खुशी है कि हम अपने प्रयास में सफल हुए। देश का प्रतिनिधित्व किसी ना किसी पार्टी के द्वारा ही होती है। हमें खुशी है कि आज देश के वित्तमंत्री इस भन्सार का उदघाटन किये है। हमें आम खाने से मतलब है, जश कोई भी ले।

मूल भंसार के उद्घाटन अवसर पर लोगों को संबोधित करते नेपाली वित्त मंत्री युवराज

महेशपुर छोटी भन्सार को मूल भन्सार की मान्यता से दोनों ही देश मे विकास को गति मिलेगी। जबकि राज्यसभा सांसद बैजनाथ जायसवाल ने भी शुभकामना भाषण देते हुए कहां कि आज हमें खुशियों की सौगात मिली है पर उक्त मूल भन्सार के संचालन में सबसे अधिक बाधा सड़क के कारण पड़ेगी। जबतक फोरलेन सड़क से इसको नही जोड़ा जाता जबतक इसके बेहतर परिणाम सामने नही आएंगे। वही नवलपुर प्रतिनिधि सभा सांसद तिलक महत ने अपने सम्बोधन में बताया कि आज माननीय मंत्री इस कार्यक्रम में विलम्ब का कारण तमाम इस प्रकार के कार्यक्रमों में भागीदारी के कारण हुआ है। जिसमें हमारे क्षेत्र को कर कार्यालय दे मन्त्री।महोदय ने क्षेत्र की जनता का दिल जीत लिया। वही पाल्हीनन्दन गांवपालिका मेयर बैजू गुप्ता(दीपक) ने भी इस कार्यक्रम में अपना सम्बोधन किया।

भारी संख्या में जुटे नेपाल और भारत के लोग

उन्होंने बताया कि इस मूल भन्सार को लेकर तमाम लोग राजनीति कर श्रेय लेने की होड़ में लगे हुए थे, पर सच्चाई यही है कि जिसके कार्यकाल में इसका शुभारम्भ किया जाता है वाहक इसके श्रेय का असली हक़दार होता है। जिला वाणिज्य संघ अध्यक्ष केशव भण्डारी ने कहां कि वर्तमान सरकार द्वारा थोपे गए अतिरिक्त कर प्रणाली के कारण लोगो मे आक्रोश व्याप्त है। सरकार को इसे वापस ले राहत देने का काम करना चाहिए।

इस अवसर पर राज्य सभा सांसद बैजनाथ जैसवाल, जिलाधिकारी नवलपरासी देवेन्द्र लामिछाने, रामग्राम नगरपालिका मेयर नरेन्द्र गुप्ता, उपमेयर रम्भा कुंवर, सुनवल मेयर भीमबहादुर थापा, जिला वाणिज्य संघ अध्यक्ष केशव भंडारी, प्रदेश संख्या 5 वाणिज्य संघ अध्यक्ष गुणनिधि तिवारी, पाल्हीनन्दन गांवपालिका अध्यक्ष बैजू प्रसाद गुप्ता(दीपक) उपमेयर पबित्रा कोहार, सरावल मेयर राधेश्याम चौधरी उपमेयर उत्तमा राय, भारत नेपाल मैत्री पत्रकार संघ संरक्षक रामप्रीत गुप्ता, अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सुबेदी,महामंत्री प्रदीप गुप्ता,मंत्री आशुतोष रौनियार, सहमंत्री विशाल रौनियार, विप्लव मद्धेशिया, अभिलाष रौनियार, सर्वेश्वर रौनियार, अनिल गौड़, उमेश पौडेल, छोटेलाल यादव, चन्द्रप्रकाश, हेमन्त कानू, विश्वम्भर, ठूठीबारी कस्टम इंस्पेक्टर मनोज त्रिपाठी, व्यापार मंडल अध्यक्ष भवन प्रसाद गुप्ता, नरसिंह मद्धेशिया, मनोज जायसवाल, सहित जनपद के तमाम क्षेत्र के लोगो ने हिस्सा लिया।

मुल्क भंसार से पर्यटन व विकास को मिलेगा बढ़ावा: मेयर नरेन्द्र गुप्ता

उद्घाटन अवसर पर मंच पर गुफ़्तगु

रविवार की देर शाम नवलपरासी के महेशपुर स्थित छोटी भन्सार को मूल भन्सार का दर्जा मिलने के बाद रामग्राम नगर पालिका मेयर नरेन्द्र गुप्ता ने बातचीत में बताया कि यह हमारी बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हुई है। करीब एक दशक से पहले से यह मांग की जा रही थी पूर्ववर्ती नेपाली कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री माधव प्रसाद नेपाल के द्वारा भारत सरकार से इस मूल भन्सार को लेकर समझौता हुआ था।

 

कुछ भौगोलिक कारण व सड़क की अनुपलब्धता के कारण इसकी मान्यता मिलने में विलम्ब हुया। देर ही सही पर आज जनपदवासियों के खुशी है। जबकि प्रदेश संख्या 5 के वाणिज्य संघ अध्यक्ष गुणनिधि तिवारी ने बताया कि इस मूल भन्सार की मान्यता से नवलपरासी ही नही बल्कि पूरे देश व प्रदेश सहित भारतीय क्षेत्र का व्यावसायिक विकास होगा।

भारतीय क्षेत्र के भगवती वर्मा पूर्व प्रधानाचार्य, पूर्व ग्रामप्रधान राजेश सिंह, उज्जवल सिंह, ओमकार पाण्डेय, जनार्दन गुप्ता, रामलखन लोहिया, सजन निगम, पशुपति रौनियार, राजू मद्धेशिया, राकेश निगम, छेदी निगम, सहित सैकड़ो लोगों ने इसका स्वागत किया।

काठमांडू की दूरी 50 किमी होगी कम पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भारतीय क्षेत्र महराजगंज जनपद का यह दूसरा ऐसा प्रमुख नाका है ठूठीबारी जंहा से अब लोगो को नेपाल आने व जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। महेशपुर मूल भन्सार के होने से सबसे अधिक फायदा साधन सवारियों को मिलेंगी। जिसमें अब गोरखपुर से काठमाण्डू सड़क मार्ग की दूरी करीब 50 किमी कम हो जाएगी। वही सोनौली में कइयों किमी लगने वाली साधनों की जाम से भी छुटकारा मिल सकेगा।

क्या है चुनौतियां…?

महज आधिकारिक घोषणा से किसी भी काम को अंजाम दे पाना बहुत कठिन है। दशकों से महेशपुर को मूल भन्सार की मांग चलती चली आ रही थी। यहां तक कि एक कई वर्ष पूर्व इसपर समझौता व सहमति भी बन गयी, पर तब भी चुनौतियां वही थी जो आज है। किसी भी देश का भन्सार/कस्टम देश की आर्थिक विकास की कड़ी में देखा जाता है।

भन्सार कस्टम के लिए सबसे अहम संसाधन का होना होता है, जो यहां अबतक नही है जिसमें भण्डारण गृह, गोदाम, कार्यालय संसाधन, सड़क मार्ग, स्टाफ सहित अन्य। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस मूल भन्सार का तबतक क्या औचित्य है जबतक इसे संसाधनों से लैस नही कर दिया जाता।