यूपी की सियासत में बीजेपी के तीन बड़े नेता समेत बीएसपी के एक नेता को कोर्ट ने जारी किया वारंट

लखनऊ। प्रयागराज के एमपी-एमएलए अब कोर्ट का आदेश भी नहीं मानते। आप चौंक गए होंगे यह सुनकर तो यह सही है। इलाहाबाद कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा तीन नेताओं को वारंट जारी किया गया है। जिन नेताओं को वारंट जारी हुआ है वह हैं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, महिला कल्याण मंत्री रीता जोशी और श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य। इन तीनों के अलावा बसपा नेता रविंद्र नाथ त्रिपाठी भी को भी कोर्ट ने गिरफ्तार कर पेश करने के लिए आदेश दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार न्यायालय ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद पर धोखाधड़ी, रीता बहुगुणा पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना एवं स्वामी प्रसाद मौर्य पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला लंबित है। यह सभी मामले प्रयागराज के एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में विचाराधीन हैं। हालांकि सरकार की ओर से प्रयास जारी हैं यह सभी मामले वापस कर लिए जाएं।

केशव मौर्य: विशेष जज पवन कुमार तिवारी ने सूबे के उप मुख्यमंत्री के खिलाफ दस वर्ष पुराने धोखाधड़ी के एक मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। इस मामले में 10 आरोपी बनाए गए हैं। मोहब्बतपुर पइंसा थाने में 22 सितम्बर 2008 को 10 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आरोप है कि मां दुर्गा कमेटी बनाकर व पैड छपवाकर धन वसूला गया।

यूपी की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी

रीता बहुगुणा जोशी: पर्यटन व महिला कल्याण मंत्री रीता जोशी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश प्रभावी है। वजीरगंज लखनऊ में आईपीसी की धारा 188, 336 के तहत दर्ज मुकदमा 16 फरवरी 2010 की घटना से जुड़ा है। शासन की ओर से इस मुकदमे को वापस लेने की अर्जी भी दाखिल की गई है।

स्वामी प्रसाद मौर्य: कुशीनगर के पड़रौना में दर्ज मुकदमे में यूपी के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर आरोप लगाया गया है कि 20 जनवरी 2012 को कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह में वोटरों को भोजन व रुपये बांट रहे थे। इस मामले में उनके खिलाफ 24 दिसम्बर 2013 से वारंट चल रहा है।

सूबे के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य

रवीन्द्र त्रिपाठी: भदोही विधायक रवीन्द्र त्रिपाठी के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में कहा गया कि 17 जनवरी 2012 को नाम, चिह्न का कैलेंडर बांट रहे थे। बिजली के खम्भे पर लटका रहे थे। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश है।