राजधानी में अकेले बुजुर्गों की सुरक्षा पर फिर सवालिया निशान

  • लूसी की हत्या किसी करीबी ने ही की!
  • इसी थ्योरी पर पुलिस कर रही मामले की तफ्तीश

ए.अहमद सौदागर
लखनऊ। राजधानी में अब भी बुजुर्ग महफूज नहीं हैं, लिहाजा उनके साथ एक के बाद एक हो रही घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

सरोजनीनगर के त्रिमूर्तिनगर निवासी बुजुर्ग लूसी सिंह की हत्या ने एक बार फिर बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस इस हत्याकांड के पीछे किसी करीबी का हाथ मान रही है। इस हत्या ने साबित कर दिया कि राजधानी में अपने घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्ग महफूज नहीं हैं। पुलिस ने बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए वैसे तो कई बार कवायदें शुरू की। वर्ष 2006 में तत्कालीन एसएसपी नवनीत सिकेरा के बाद से पुलिस के कई अधिकारियों ने बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए खाका तैयार किया था,लेकिन सारी योजनाएं स्टेशन अफसरों के साथ होने वाली बैठकों के साथ ही सिमट कर रह गई।

तत्कालीन एसएसपी राजीव कृष्ण ने स्वयं सेवी संस्था तथा तत्कालीन एसएसपी जे.रवीन्द्र गौड ने एक निजी संस्था के माध्यम से बुजुर्गों व उनके नौकरों के सत्यापन की कवायद शुरू की थी। यही नहीं इसके बाद से भी जो एसएसपी आये और अपने तरीके से सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाए,लेकिन ढाक के तीन पात होकर रह गई। बीते दिनों और हाल में हुई कुछ घटनाओं का पुलिस ने राजफाश किया तो उसमें खूनी गैर नहीं बल्कि अपने ही निकले। इससे यही साबित हुआ कि बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा अपने उन करीबियों से है जिन पर वे सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।
प्रमुख घटनाओं पर एक नजर

  • चार नवम्बर 2008- खुनखुन जी की कला कोठी में डकैतों ने लूटपाट के बाद
    ऊषा रानी को मौत की नींद सुला दिया।
  • सात मार्च 2008- हुसैनगंज के मदन अपार्टमेंट में दंपती का बेरहमी से कत्ल।
  • एक मई 2009-कृश्णानगर में बुजुर्ग राजवती की गला दबाकर हत्या।
  • 10 अप्रैल 2013- मडिय़ांव में दंपती व मासूम की हत्या,अपने ने उतारा था मौत के घाट।
  • 14 अप्रैल 2013- गोमतीनगर के विपुलखंड निवासी राकेश नारायण मेहरा व उनकी पत्नी लता मेहरा की हत्या,इन्हें भी मारा था भरोसेमंद।
  • 31 जुलाई 2010- ठाकुरगंज के झब्बन की बगिया निवासी अधेड़ महिला सावित्री की हत्या।
  • तीन अगस्त 2010- सरोजनीनगर के हाईडिल कालोनी निवासी शशि सिंह की घर में घुसकर हत्या। दुराचार के विरोध में देवर ने किया था कत्ल।
  • 26 दिसबर 2009- चौक में फूलमती की घर में घुसकर हत्या।