रोज अपनाएंगे यह देसी उपाय तो निश्चित पछाड़ देंगे शुगर को

शुचि प्रज्ञा

लखनऊ। शुगर आज भारत में महामारी से कम नहीं है। मधुमेह के साथ लोगों को हर दिन स्वास्थ्य समस्याओं के साथ सौदा करना पड़ता है। यह खराब खान-पान और अनियंत्रित आदतों की वजह से बढ़ जाता है। शुगर का कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे उससे पूरी तरह से खत्म किया जा सके इसलिए लोग अक्सर उसे अनुपचारित छोड़ देते है।

 क्या आप जानते हैं कि शुगर सारी बीमारियों का जड़ है। यह अंधापन, गुर्दे की बीमारी, रक्त वाहिनियों को नुकसान, संक्रमण, हृदय रोग,तंत्रिका क्षति, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, अंग विच्छेदन और कोमा आदि बीमारियों को पैदा कर सकता है। वैसे तो बाजार में मधुमेह का इलाज इन्सुलिन और मेडिसिन्स द्वारा उपलब्ध है मगर हम आपको कुछ ऐसे देसी इलाज बताएंगे जो आप घर बैठे कर सकते हैं।

अलसी के बीजः अलसी के बीज उच्च फाइबर सामग्री के कारण पाचन क्रिया में सहायता और वसा एवं शक्कर के उचित अवशोषण में आपकी मदद करते हैं। अलसी के बीजों का सेवन करने से मधुमेह के बाद के शुगर के स्तर में लगभग 28 फीसदी कमी होती है।

दालचीनीः   यह इंसुलिन की संवेदनशीलता और ब्लड शुगर का स्तर कम करती है। प्रतिदिन दालचीनी का आधा चम्मच खाने से इंसुलिन की संवेदनशीलता में सुधार होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है, जिससे हृदय रोग का जोखिम कम होता है।

अमरूद के पत्ते और जीराः आप कुछ ताजे अमरूद के पत्ते और जीरे के बीजों को एक साथ मिला कर एक गिलास पानी में उबाल लें। इस मिश्रण को रोज़ पिएं और मधुमेह में आराम पाएं।

प्राकृतिक कच्चा भोजनः हालांकि यह सभी प्रकार के रोगों के लिए सबसे अच्छी दवा है। कच्चा भोजन शरीर के एंजाइमों में मिल जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें कच्चा खाया जा सकता है उन्हें कच्चा भोजन बोलते है जैसे की स्प्राउट्स, फल, जूस, नट आदि। ऐसा कच्चा भोजन जिनमें फाइबर अधिक अधिक होता यही वो धीरे-धीरे शुगर लेवल को शरीर से खींच लेते है और इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहता है। फाइबर ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर रखने का सबसे अच्छा काम करता है। सेब, खुमानी, चुकंदर, जामुन, गाजर, खट्टे फल आदि फाइबर से भरपूर होते है।

ग्रीन टी पिएं और रहें मस्त, यह शुगर की देसी दवा

यह चाय नॉन फर्मेन्टेड होती है और पॉलीफेनोल से भरपूर होने के कारण एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करती है। पॉलीफेनोल ब्लड शुगर को नियंत्रित करकर शुगर संतुलित रखता है. ये शुगर के स्तर और शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करता है।

(लेखिका देश के सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. अजय दत्त शर्मा की बहू और नेचुरोपैथी की चिकित्सिका हैं)