वाह रे बिटिया, तुझ पर पूरे जिले को है नाज, जानिए वो है कौन?

  • गांव का मान बढ़ा भावना हुई उपमुख्यमंत्री से सम्मानित
  • महाराजगंज के ठूठीबारी ग्राम से निकल लखनऊ में लिया है दाखिला
  • इसके पूर्व भी भावना हो चुकी है सम्मानित
  • गांव के लोगों में खुशी, दिया मुकाम पाने का आशीर्वाद

नया लुक संवाददाता

निचलौल/महाराजगंज। एक ऐसी छात्रा जिसने अपनी प्राथमिक पढ़ाई महाराजगंज के भारत-नेपाल की सीमा पर स्थित स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल से शुरू कर इण्टरमीडिएट में लखनऊ के दयानन्द इण्टरमीडिएट कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन कुछ कर दिखाने की इच्छाशक्ति ने आज उसे वह मुकाम दिया, जिसकी वह हकदार थी। वह लड़की कोई और नहीं बल्कि महराजगंज के ठूठीबारी कस्बे की भावना वर्मा है।

सम्मानित होने के बाद प्रमाण पत्र दिखातीं भावना

ठूठीबारी स्थित स्वामी विवेकानंद के प्रधानाचार्य नन्द प्रसाद चौधरी ने बताया कि भावना के अंदर विलक्षण प्रतिभा है, बस उसे निखारने की जरूरत है। वही लखनऊ स्थित दयानन्द इण्टरमीडिएट कालेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि भावना देश की सेवा के लिए बनी है। हमने उसकी कई बार निबन्ध, साहित्य आदि के बारे मे लिखित परीक्षा ली पर जो अनहोनी उसने कर दिखाया उससे हम खुद ही हतप्रभ है। हम सभी का स्नेह, प्यार व आशीर्वाद भावना के साथ है आज हमें भी खुशी हो रही है कि भावना वर्मा को सर्वोच्च अंक प्राप्ति के लिए उपमुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है यह हमारे लिए भी गौरवान्वित होने का मौका है।

कॉलेज के ग्रुप फोटो में साथियों के साथ भावना

उत्तर प्रदेश का पिछड़ा जनपद महाराजगंज का सीमावर्ती क़स्बा ठूठीबारी से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर अपने चाचा आलोक वर्मा व चाची सुमन वर्मा के सानिध्य में शिक्षायापन कर रही भावना वर्मा ने एक बार फिर अपने गांव को गौरवान्वित किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष में भावना वर्मा में इतिहास में सर्वोच्च 69 प्रतिशत अंक प्राप्त कर Simmi Matlab Memorial Award 2017-18 उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा के द्वारा सम्मानित की गई। भावना को सम्मान में एक गोल्ड, सिल्वर के साथ दो प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

बताते चलें कि भावना ने वर्ष 2016-17 में भी इसी विषय मे सर्वोच्च अंक प्राप्त कर सम्मानित हुई थी। भावना का कहना है कि किसी मुकाम को पाने के लिए एक जिद्द ठाननी पड़ती है हमारा मुकाम देश की सेवा करना है उसका स्तर जो भी हो पर उस मुकाम को पाना ही मेरी मन्जिल है। उसने इस सम्मान को अपने पापा अरुण वर्मा, मम्मी मंजू वर्मा व दादा भगवती प्रसाद व दादी लीलावती देवी को समर्पित कर कहा कि यह सब इन्हीं लोगो के आशीर्वाद से मिला है। अपनी बड़ी बहन साक्षी वर्मा व छोटी बहन अंकिता वर्मा की राहों पर चल उसने यही सपना संजोया है कि उसके छोटे भाई हर्षवर्धन, हर्षिता व आकांक्षा भी देश की सेवा के लिए समर्पित हो।