सूफी सद्भावना सम्मेलन आगामी 25 मार्च को

  • भारी संख्या में ले रहे उलेमा भाग

ए.अहमद सौदागर
लखनऊ। मुसलमान है तो वह आतंकी नहीं हो सकता। इसी के सिलसिले में आगामी 25 मार्च को शिया धर्म व सून्नी र्धम गुरु एकजुटता का परिचय देते हुए सूफी सद्भावना स मेलन रखा है। इस महा प्रोग्राम में यूपी ही नहीं बल्कि देश के कई शिया-सुन्नी उलेमाओं के अलावा खानकाहो के सज्जादगान तशरीफ ला रहे हैं। इसके के साथ ही भारी सं या में लोग भाग लेंगे। फिलहाल इसकी तैयारियां आखिरी दौर में पहुंच गई है।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम: एसएसपी
वहीं इतवार के दिन नवरात्र का पर्व भी संपन्न हो रहा है और इसी दिन लखनऊ के बडा़ इमामबाड़ा में सूफी-संत सद्भावना स मेलन है,इसे लेकर पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पु ता इंतजाम किए है। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि जो स मेलन होने जा रहा है वह एक मुहब्बत का स मेलन है। इसकी सुरक्षा को लेकर फिलहाल कड़े इंतजाम किए गई हैं।
हिन्द-ए-वतन के वफादार हैं हम,गद्दार नहीं: मौलाना हसनैन बकाई
मौलाना सैयद हसनैन बकाई सफीपुर शरीफ ने बताया कि जिस तरह से हवा उड़ाई जा रही है कि मुसलमान आतंकी है,लेकिन ऐसा नहीं क्यों कि जो मुसलमान है वह आतंकी नहीं होता। उन्होंने साफ कहा कि हम हिन्द-ए-वतन हैं और वफादार भी हैं,लेकिन गद्दार नहीं। मौलाना शजर अली कहते हैं कि चाहे वह आतंकी हो या फिर दंगाई,लिहाजा इनका कोई मजहब नहीं होता। सिर्फ इनका एक ही मकसद होता है कि एक दूसरे को लड़ाकर नफरत पैदा करना।
इस्लाम में आतंकवाद की जगह नहीं: मौलाना शजर अली
आगामी 25 मार्च को होने वाले सूफी-संत सद्भावना से पहले इस बारे में मौलाना शजर अली मदारी से सवाल किया गया कि यह प्रोग्राम किस मकसद से किया जा रहा है तो उन्होंने बताया अक्सर चर्चा होती रहती है कि मुसलमान आतंक का रास्ता क्यों अपना रहे हैं। इस बाबत मौलाना शजर अली कहते हैं कि पहली बात तो यह है कि आतंकी हरगिज़ मुसलमान नहीं हो सकता। उनका कहना है कि जो मुसलमान होगा तो कभी किसी से नफरत नहीं कर सकता। मौलना ने बताया कि नबी-ए-करीम ने पूरी इंसानियत को मानवता का संदेश दिया है। चाहे व हिन्दू धर्म से हो या फिर मुस्लिम धर्म एक की जुबान पर अल्लाह तो दूसरे की जुबान पर ईश्वर तो किस बात की नफरत। मौलाना शजर अली के मुताबिक यह बाते हम नहीं बल्कि नबी-ए-करीब ने संदेश देकर कहा है कि पड़ोसी किसी भी धर्म का हो उसके साथ अच्छा सुलूक करो। मौलाना का कहना है कि यह सूफी सद्भावना स मेलन सिर्फ एक धर्म का नहीं बल्कि सभी लोगों के लिए रखा गया है कि एक दूसरे की बात को समझेंगे। इस मौके पर हिन्दूस्तान के मशहूर व मारुफ उलेमा व खानकाहो के सज्जादगान व शिया उलमाए किराम तशरीफ ला रहे हैं। बताया गया कि मु य अतिथि मौलाना सै0 कल्बे जवाद नकवी होगें,जबकि मौलाना सै0 शजर अली मदारी मकनपुर शरीफ, मौलाना सै हसनैन बकाई सफीपुर शरीफ व लखनऊ के चिनहट निवासी बाबा मोहम्मद शफीक मदारी तथा वली मोहम्मद उर्फ गोलू के अलावा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लडऩे तथा इस पर रोक लगे इसके लिए लखनऊ के बड़ा इमाम बाड़ा में भारी तादात में लोग हिस्सा लेंगे।