सूबे के मुखिया की नाक के नीचे बच्चे कर रहे विद्यालय की पुताई

लखनऊ।योगी सरकार है बड़ी शख़्ती है साहब, आपने अपने प्रदेश के मुखिया  को भाषण देते सुना होगा शिक्षा पर उनका विशेष ज़ोर है। उनका कहना है शिक्षण कार्य में लापरवाही हुई तो कोई बक्शा नहीं जाएगा।
लेकिन सवाल उससे भी बड़ा है कि एक सरकारी विद्यालय की प्रधानाचार्या छड़ी लिए घूम रही हैं और कह रही हैं कि बच्चों अगर स्कूल की रंगाई पुताई और रिपेयरिंग में लापरवाही हुई तो कोई बख़्शा नहीं जाएगा।
दरअसल मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय ग़ाज़ीपुर बलराम ज़ोन -२ का है जहाँ की प्रधानाध्यापिका मंजू श्री स्कूल के रखरखाव के लिए सरकार द्वारा दिये गए 25000 रुपए को प्रत्येक वर्ष ख़ुद डकार जाना चाहती हैं। जिसके चलते उन्होंने कक्षा-7 के बालक आयुष,मनीष और सुदर्शन के साथ कक्षा-8 के छात्र शाहबान को स्कूल की रंगाई-पुताई और रिपेयरिंग करने पर लगा दिया ।
इतना ही नहीं स्कूल के शिक्षण कार्य को छोड़ कर वह छड़ी लिए स्कूल चलने के समय में ही विद्यालय के पिछले हिस्से की बच्चों से पुताई करवाते नज़र आइ। मंजू श्री पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहीं जैसे की अपने विद्यालय के खेल अनुदेशक सुमित से पैसे लेकर उसकी फ़र्ज़ी उपस्थिति दर्ज कराना    आदि,लेकिन बीएसए लखनऊ से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी नूतन जयसवाल की मिलीभगत के चलते इन पर पहले भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
लेकिन आज दिनांक 9 जनवरी 2019 को 11:20 पर जो कुछ कैमरे में क़ैद हुआ वह  शिक्षा विभाग को आइना ही नहीं दिखाता है बल्कि योगी की छवि पर भी कालिख पोतता नज़र आ रहा है । ऐसे मामलों में ज़िला प्रशासन को भी संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि यह आरटीई ऐक्ट का उल्लंघन होने के साथ-साथ बाल मज़दूरी करवाए जाने का साक्षात नमूना भी है। ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त करते हुए बालमज़दूरी ऐक्ट के तहत जेल भेजना चाहिए। क्योंकि vedio में शिक्षिका ने पूताई का काम करवाना स्वीकार भी किया है जिसमें बच्चे पुताई करते दिख भी रहे ऐसे में जाँच की खानापूर्ति तक की आवश्यकता नहीं दिखती ।