सोशल मीडिया के कारण बच्चो के नींद में कमी

हाल ही मे कनाडा में हुए रिर्सच से यह सामने आया है की बच्चो के बीच सोशल मीडिया का क्रेज इतना बढ चुका है कि वह अपने नींद पर जरा भी तवज्जो नही दे रहे। सोशल मिडिया को अधिक इस्तमाल करने से बच्चो के बीच सो रहे घंटो में कमी आ सकती है। यह रिर्सच 11 से 20 साल का उम्र के कनेडियन बच्चो के बीच आयोजित किया गया है। जिसमे यह पाया गया है कि लगभग 5242 बच्चे जोकि पढते है और 63 प्रतिशत बच्चे एसे भी है जो अपनी नींद पूरी नही करते और तो और 73 प्रतीशत छात्रो ने सूचित किया कि वे प्रतिदिन कम से कम 1 घंटे सोशल मीडिया यूज करते है। सोशल मीडिया के प्रभाव पर सोना एक बडा विषय बन चुका है। सोशल मीडिया से कुछ नुक्सान और कुछ फायदे भी है। पर इसका अधिक प्रायोग नुक्सानदायक हो सकती है।