हत्या के मामले से राहत मिलते ही गरजे बीजेपी विधायक खब्बू तिवारी

  • कहा- जनता के ठुकराए सपा के पूर्व विधायक मुझे फंसाना चाह रहे थे
  • विधानसभा में रहने वाला हर परिवार मेरा परिवारः विधायक

रुपेश श्रीवास्तव/ नया लुक ब्यूरो चीफ

अयोध्या। हत्या के मामले में नामजद भाजपा विधायक खब्बू तिवारी को राहत मिल गई। पुलिस के खुलासे में अजय प्रताप की मौत का कारण आत्महत्या साबित हुआ। पुलिसिया रिपोर्ट के मुताबिक अजय ने खुद को गोली मार ली थी। विधायक खब्बू तिवारी का आरोप है कि जनता के ठुकराए सपा के पूर्व विधायक ने उनके खिलाफ साजिश की और बदनाम करने और करियर बिगाड़ने की नीयत से उन्होंने मेरे खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।

अजय प्रताप सिंह की हत्या मामले से राहत मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब खब्बू तिवारी ने कहा कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया था। जिस सपा के पूर्व विधायक को जनता नकार चुकी थी, उसी गोसाईगंज के पूर्व विधायक ने राजनीतिक षड्यंत्र के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि अब दूध का दूध, पानी का पानी साफ हो चुका है। प्रधान पुत्र ठेकेदार अजय प्रताप सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी और इस मामले में पुलिस खुलासा कर चुकी है।

उन्होंने कहा कि प्रधान पुत्र ठेकेदार अजय प्रताप सिंह की मौत का अफसोस उन्हें भी है। गोसाईगंज विधानसभा का विधायक होने के नाते विधानसभा का हर परिवार मेरा परिवार है। उन्होंने कहा कि उन्हें तो घटना के बारे में जानकारी ही नहीं थी, जिस दिन यह घटना घटी उस दिन वह उन्नाव में मंत्री बृजेश पाठक के कार्यक्रम में मौजूद थे। उस दिन बृजेश पाठक के घर में तेरहवीं का कार्यक्रम था और उस कार्यक्रम में गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे।

अयोध्या पुलिस द्वारा क्लीनचिट मिलने के बाद हजारों समर्थकों के साथ सर्किट हाउस पहुंचे भाजपा विधायक खब्बू तिवारी का जोरदार स्वागत किया गया। उनके साथ रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक बाबा गोरखनाथ, नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और भाजपा जिला अध्यक्ष अवधेश पांडे भी मौजूद रहे।

बताते चलें कि 22 दिसंबर को प्रधान पुत्र ठेकेदार अजय प्रताप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसको लेकर सपा के पूर्व विधायक अभय सिंह व मृतक के परिजनों ने भाजपा विधायक खब्बू तिवारी पर हत्या का आरोप लगाया था। लेकिन मौके से मिले साक्ष्य व फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया कि उसकी हत्या नहीं बल्कि उसने आत्महत्या की थी।