हृयूमन राइट्स के फील्ड में बनाएं दमदार करियर

इस पूरी दुनिया में कई ऐसे अधिकार हैं जो जरूरी तौर पर विश्व के नागरिकों को मिलना चाहिए मगर अभी भी कई जरूरी अधिकारों का उल्लंघन होता रहता है। ऐसे में कई ऐसे सरकारी गैर सरकारी संगठन हैं जो मानव अधिकारों की रक्षा करने के लिए काम करते हैं। इन संगठनों में काम करने वाले को मानवाधिकार कार्यकर्ता कहा जाता है। मानवाधिकार के क्षेत्र में भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और संयुक्त राष्ट्र संघ ने कई कानून बना रखें हैं जिनका इस्तेमाल अधिकारों की रक्षा करने के लिए होता है।

कहां से करे कोर्सेज

  •         भारतीय मानवाधिकार संस्थान नई दिल्ली
  •         इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय इग्नू
  •         जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी नई दिल्ली
  •         बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी वाराणसी
  •         मुंबई यूनिवर्सिटी मुंबई

सैलरी

ह्यूमन राइट्स कार्यकर्ता के रूप में आपकी शुरुआती सैलरी 20-25 हजार हो सकती है। सरकारी संस्थान भी अच्छी सैलरी देते हैं। वहीं अगर आपका चयन विदेशी संगठनों या संयुक्त राष्ट्र संघ में होता है तो वहां का सैलरी लाखों में हो सकती है।

पढ़ाई के लिए जरूरी स्किल्स

मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करने के लिए कोर्स से ज्यादा खुद के मजबूत इरादों की ज्यादा जरूरत होती है। आपके पास लोगों के अधिकारों को सुरक्षित करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। बेहतर कम्यूनिकेश स्किल्स आपको अपनी बात रखने के लिए अच्छा प्लेटफॉर्म दे सकता है। इच्छाशक्ति के अलावा धैर्य की जरूरत सबसे ज्यादा होती है क्योंकि इस फील्ड में कानूनी लफड़े बहुत हैं, जो जल्द नहीं सुलझ पाते हैं।

कहां मिलेगी नौकरी

आपको मानवाधिकार के क्षेत्र से जुड़ी राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में काम करने का मौका मिल सकता है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन, नेशनल एंड स्टेट कमीशन ऑन चिल्ड्रन, लेबर वेलफेयर, यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम, यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स कमीशन, एमेनेस्टी इंटरनेशनल, एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स डॉक्यूमेंटेशन सेंटर रेड क्रॉस जैसे जगहों पर काम करने का अवसर मिल सकता है। इनके अलावा कई संगठन हैं जहां भी आप रोजगार पा सकते हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ता बनने के लिए योग्यता

भारत की कई बड़ी जानी-मानी यूनिवर्सिटी मानवाधिकार ह्यूमन राइट्स में कोर्सेज चलाती है। सरकारी संस्थानों के अलावा कई ऐसे प्राइवेट संस्थान हैं जो सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेज ऑफर करते हैं। इन कोर्सेज में पढ़ाई करने के लिए किसी भी स्ट्रीम से 12वीं होना अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण कोर्सेज

  •         डिप्लोमा इन ह्यूमन राइट्स
  •         पीजी डिप्लोमा इन ह्यूमन राइट्स
  •         मास्टर्स इन ह्यूमन राइट्स
  •         बैचलर डिग्री इन ह्यूमन राइट्स

क्या काम करना होगा

मानवाधिकार यानी ह्यूमन राइट्स के क्षेत्र में काम करना चुनौतीपूर्ण है लेकिन आपको एहसास नहीं होगा कि आप जॉब कर रहे हैं। रोज आपके सामने चुनौतियां आएंगी और आप रोज अपने स्किल्स की सहायता से उससे निकलेंगे। मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में आपको जेंडर जस्टिस, सोशल जस्टिस, चाइल्ड जस्टिस और अन्य क्षेत्रों से जुड़े डेटा इक_ा करना, रिसर्च करना, रिपोर्ट करना, संबंधित लोगों से मिलना-जुलना और कई अन्य काम करने होते हैं। आपको लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए हरसंभव प्रयास करना होता है।