24 साल बाद कुछ घंटे में शुरू होगा पहला टी-20, सियासत चालू आहे…

  • मैदान के बाहर जारी है अखिलेश बनाम योगी के बीच सियासी मैच
  • प्रशासन से कसी कमर, चुस्त-दुरुस्त रहेगी प्रशासनिक व्यवस्था

दिनेश त्रिपाठी

बस कुछ घंटे और… लम्बे इंतजार की सीमा खत्म…। उत्तर प्रदेश की राजधानी में लोगों के चेहरों पर तिरंगे बन रहे हैं। जगह-जगह हाथ में तिरंगा लिए भारत माता के जयघोष के साथ स्टेडियम के अंदर ‘कम ऑन इंडिया’ की गूंज की तैयारी शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन कर लोगों के लिए सुगम रास्ता बना दिया है। अब तो वजह आप समझ ही चुके होंगे। हम बात कर रहे हैं लखनऊ के इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (अब भारत रत्न अटल बिहारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम) की, जो कुछ घंटों बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच हो रहे अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट मैच की मेजबानी करने जा रहा है। लखनऊ में 24 साल के लंबे इंतजार के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो रही है, जिसका इस्तकबाल नवनिर्मित इकाना स्टेडियम ने किया लेकिन मैच अटल इंटरनैशनल स्टेडियम में होगा।

लखनऊ यानी नवाबों की नगरी। गंगा-जमुनी तहजीब एवं स्थापत्य कला के अद्भुत नमूने के रूप में विश्व में चर्चित। दुनिया भर के पर्यटक यहां रूमी गेट, बड़ा इमामबाड़ा, भूल-भुलैया, छोटा इमामबाड़ा, रेजीडेंसी समेत अनेक मुगलकालीन स्थापत्य कला से रूबरू होने आते हैं। लेकिन अब पर्यटकों के अलावा दुनिया भर के खेल प्रेमी भी आज लखनऊ जुटे हैं। उन्हें आज लखनऊ के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एंड स्पोटर्स एकेडमी ने बुलाया है, जिसे अब इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की जगह भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। साल 2015 से शुरू हुए निर्माण लखनऊ के इस स्टेडियम में करीब चार साल बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच का लुत्फ उठाने का मौका मिलने जा रहा है। हालांकि इकाना स्पोटर्स सिटी जो एनसीसी और उसके सहयोगी कम्पनियों के साथ गोमती नगर विस्तार में पीपीपी मॉडल पर इस अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कर रही थी का दावा था कि साल 2017 में ही आईपीएल मैच की मेजबानी कर लेगा। लेकिन अब करीब 24 साल बाद शाम-ए-अवध दीपावली की पूर्व संध्या पर चौकों-छक्कों की गूंज से गूजेंगा। लखनऊ में आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जनवरी 1994 में भारत और श्रीलंका के बीच केडी सिंह बाबू स्टेडियम में टेस्ट मैच के रूप में खेला गया था। इसके बाद सारे अंतरराष्ट्रीय और आइपीएल मैच कानपुर में आयोजित किए गए थे।

तत्कालीन सरकार और सीएम ने आईपीएल की मेजबानी के लिए तेजी भी दिखाई थी। एलडीए के तत्कालीन वीसी सत्येंद्र सिंह जब तबके विशेष सचिव मुख्यमंत्री प्रांजल यादव के साथ स्टेडियम का दौरा करने पहुंचे थे तो उन्हें कम्पनी के अफसरों ने भरोसा दिलाया कि वह वर्ष 2016 में क्रिकेट स्टेडियम का कार्य पूरा कर लेंगे। साथ ही दावा भी किया कि अगले साल कम से एक अंतर्राष्ट्रीय मैच की मेजबानी भी की जाएगी। अन्य खेल परिसर वर्ष 2017 तक तैयार होंगे।

कुछ इस तरह स्वागत को तैयार है अटल स्टेडियम

एलडीए वीसी पीएन सिंह कहते हैं इस स्टेडियम के लिए 137 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था, इसमें से 71 एकड़ भूमि पर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और खेल परिसर बनाया जा रहा है। बाकी 76 एकड़ भूमि स्टेडियम और खेल परिसर निर्माण करने वाली कम्पनी को रीयल इस्टेट डेवलपमेंट के लिए दी गई है। डेवलप कर रही इकाना कम्पनी के पास ही 35 वर्ष तक इस स्टेडियम के रखरखाव व संचालन का जिम्मा रहेगा। बाद में यह स्टेडियम खेल निदेशालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

एलडीए के विहित प्राधिकारी संजय पांडेय कहते हैं कि स्टेडियम का निर्माण आईसीसी एवं एमसीसी (मेलबर्न क्रिकेट काउंसिल) के मानक के आधार पर किया जा रहा है। करीब 50 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में एक क्रिकेट अकादमी भी स्थापित की जाएगी। स्टेडियम में दो पवेलियन (नार्थ एवं साउथ एंड) होंगे। जहां प्रशिक्षण के साथ ही क्रिकेटर और कोच के लिए निवास की भी सुविधा होगी। एकेडमी में 250 छात्रों के आवास और प्रशिक्षण की सुविधा होगी। साथ ही साथ एक गेस्ट हाउस का भी निर्माण कराया जा रहा है।

ग्राउंड का निर्माण करा रहे एक्सईएन डीसी श्रीवास्तव स्टेडियम निर्माण की गुणवत्ता से काफी आश्वस्त नजर आते हैं। वह बताते हैं- ‘मोहाली क्रिकेट मैदान के क्यूरेटर दलजीत सिंह की अगुआई में लखनऊ स्टेडियम के ग्राउंड का निर्माण किया जा रहा है। परफोरेटेड पाइप का नेटवर्क तैयार कर लिया गया है। मिट्टी एवं कोर सैंड का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही ग्राउंड पर घास लगाने का कार्य भी कर लिया जाएगा।‘ वह बताते हैं कि इस पाइपों का नेटवर्क कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि वह मैदान और दर्शकों के बीच खाई का काम करें। बताते चलें कि यहां शुरुआत से ही पिच तैयारी करने का प्रभार बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटर दलजीत सिंह को सौंपा गया है और उन्होंने रविंद्र चौहान, शिव कुमार और सुरेंद्र जैसे यूपीसीए के क्यूरेटर की मदद से पिच तैयार की है।

भारत और वेस्ट इंडीज के बीच आज होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में स्कोर कम ही रहने की उम्मीद है। एक स्थानीय क्यूरेटर के अनुसार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए 130 से अधिक का स्कोर विजयी स्कोर साबित हो सकता है। क्यूरेटर ने कहा कि निश्चित तौर पर यह बड़े स्कोर वाला मैच नहीं होगा। पिच के दोनों तरफ लंबी सूखी घास है और बीच में पिच टूटी हुई है। यह धीमे उछाल वाली पिच है और शुरुआत से ही स्पिनरों के बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस पिच को ओड़िशा के बालंगीर से मिट्टी लाकर बनाया गया है जो अपनी धीमी प्रकृति के लिए जानी जाती है। दोनों टीमों को रन बनाने और लंबी स्क्वायर बाउंड्री के कारण बड़े शॉट खेलने में दिक्कत होगी।

इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के माध्यम से विश्व भर के खेल प्रेमी और पर्यटक लखनऊ पहुंचेंगे। उन्हें जनेश्वर मिश्र पार्क, अवध हाट और संजे-संवरे पुराने लखनऊ को देखने का मौका मिलेगा। स्टेडियम के वजूद में आते ही यहां का टूरिज्म और शिल्प कारोबार फलने-फूलने लगेगा।
– नरेश उत्तम पटेल, प्रदेश अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

पिच पर काम करने वाले एक अन्य क्यूरेटर ने कहा कि अगर पिच तैयार करने के लिए स्थानीय मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता तो मंगलवार को यहां काफी रन बनते। सतह के अलावा ओस के कारण भी परेशानी हो सकती है। स्थानीय क्यूरेटर के अनुसार आउटफील्ड शानदार और तेज है लेकिन ओस निश्चित तौर पर बड़ी भूमिका निभाएगी। उत्तर भारत में सर्दियां शुरू हो रही हैं और पहली गेंद से ही ओस बड़ी भूमिका निभाएगी। इसलिए गेंद तेजी से बाउंड्री की ओर नहीं जाएगी और बल्लेबाजों को काफी रन दौड़ने होंगे।

क्रिकेट के अलावा और क्या होगा इस स्टेडियम में

क्रिकेट के अलावे इस स्टेडियम में फुटबॉल, हॉकी जैसे खेलों का भी लुत्फ उठाया जा सकता है। साथ ही छह हजार दर्शकों की क्षमता का एक इनडोर स्टेडियम भी यहां बन रहा है। जिसमें स्क्वैश, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, वालीबॉल और लॉन टेनिस शामिल होगा। इन सारे ग्राउंड के निर्माण की देख-रेख खेल संघों के आधार पर किया जाएगा। फुटबाल ग्राउंड का निर्माण फीफा के मानक पर होगा। इसी तरह हॉकी ग्राउंड का मानक एफआईएच, स्क्वैश मैदान डब्ल्यूएसएफ, बैडमिंटन कोर्ट बीडब्ल्यूएफ, टेबल टेनिस कोर्ट आईटीटीएफ तथा लॉन टेनिस के कोर्ट का निर्माण आईटीएफ के मानक पर किया जा रहा है।  खास बात यह कि स्टेडियम में मैच देखने आ रहे दर्शकों को टिकट के लिए लम्बी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी और न ही सुरक्षा में तैनात जवान मैच के मजे से महरूम होंगे।

निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मोड पर तैयार हो रहे इस स्टेडियम में 250 छात्रों को खेल का गुर सिखाया जाएगा। विश्व के स्टैंडर्ड खेल संघों के मानक पर बन रहा यह स्टेडियम लखनऊ के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
-चेतन चौहान, खेल मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

क्या है ग्राउंड की विशेषता

इकाना के इंजीनियरों का दावा है कि स्टेडियम का ग्राउंड देश के अन्य मैदानों से कई मायने में बेहतर साबित होगा। ग्राउंड में सबसे नीचे परफोरेटेड पाइप का एक जाल तैयार किया गया है। उसके बाद मिट्टी डाली जा रही है फिर कोर सैंड का प्रयोग किया जाएगा। इसी कोर सैंड के ऊपर घास लगाने की तैयारी है। बारिश होने पर ग्राउंड तेजी से सूखेगा और पानी पाइपों से होती हुई मैदान के किनारे बने मोट (वाटर चैनल) के रास्ते बाहर निकाल दिया जाएगा।

यूपी की योगी सरकार के पास अपना काम बताने के लिए अभी कुछ भी नहीं है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी की बात होगी तो सरकार दूसरे का काम भी अपना बताकर क्रेडिट लेना चाह रही है। अब छत्तीसगढ़ और मिजोरम के दूर-दराज के लोगों को क्या मालूम कि यह स्टेडियम पिछली सपा सरकार ने बनवाया था, वो अब नया नाम ही रटेंगे।
इं. हिमांशुधर द्विदेवी, संयोजक, कांग्रेस सेवा दल उत्तर प्रदेश

जानिए दोनों टीमों के खिलाड़ी…

भारतीय टीम: रोहित शर्मा (उपकप्तान), शिखर धवन, लोकेश, राहुल, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, क्रूणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और खलील अहमद।

वेस्टइंडीज: कार्लोस ब्राथवेट (कप्तान), फाबियान एलन, डारेन ब्रावो, शिमरोन हेटमेर, इविन लुइस, ओबेड मैक्कोय, एशले नर्स, कीमो पॉल, खैरी पिएरे, केरन पोलार्ड, रोवमैन पावेल, दिनेश रामदीन (विकेटकीपर), आंद्रे रसेल, शेरफेन रथरफोर्ड और ओशाने थॉमस।

नाम बदलकर क्रेडिट लेने की होड़ में बीजेपी

जिस अटल बिहारी वाजपेई का इतना गहरा नाता लखनऊ से था, उसी भारत रत्न के नाम पर बीजेपी सरकार ने इकाना स्पोटर्स स्टेडियम का नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रख दिया। लखनऊ के लोगों ने खुले दिल से इस नाम का इस्तकबाल किया लेकिन सोशल मीडिया पर इसका विरोध भी लोगों ने दर्ज कराया। लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई कि यदि बीजेपी सरकार अपने किए किसी कार्य को उन्हें समर्पित करती तो लोगों को और अच्छा लगता और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की आत्मा को शांति भी मिलती। लेकिन जिस स्टेडियम का बखान तकरीबन अपने हर तकरीर में करने वाले अखिलेश के ड्रीम को भारत रत्न के नाम करके बीजेपी सरकार ने उनके कद को कम किया है।

हालांकि सरकार के इस कृत्य का कई लोगों ने प्रशंसा भी की। वरिष्ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्तव अपने फेसबुक वाल पर लिखते हैं कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में आने वाले सभी मेहमानों, दर्शकों का स्वागत है। वहीं निखिल साहू लिखते हैं कि जिस तरह पाकिस्तान के जावेद मियां ने आखिरी गेंद पर छक्का मारकर पाकिस्तान को जीत दिलाई थी, उसी तरह राज्यपाल के फैसले से बीजेपी भी जीत गई। जबकि पवन रस्तोगी ने भोजपुरी के ठेठ अंदाज में लिखा- इनसे होत है दोई ठो काम, काटैं फीता अउर बदलैं नाम…बकिया बस के तो हवै नाही। #विकास।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद लिखते हैं ‘इकाना नहीं, अटल स्टेडियम कहिये जनाब!

गोमतीनगर का डॉ.भीमराव अंबेडकर स्टेडियम जमींदोज कर स्मारक में मिला दिया गया। भारी विरोध पर तत्कालीन सरकार ने इसी नाम से अन्तराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए गोमतीनगर विस्तार में जमीन अधिग्रहीत की। 2012 में  वह सरकार गई। अखिलेश आये, जिन्होंने पीपीपी मॉडल पर इकाना नाम से अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनवाया। अब मंगलवार को भाजपा सरकार में इसका नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम हो गया है। यानी भारत-इंडीज ने नेटप्रैक्टिस इकाना में की और मैच खेलेंगे, अटल स्टेडियम में। कल जो भी क्रिकेट रिकार्ड  बनेगा, वह सब अटल स्टेडियम में बनेगा।…जय हो !’

इन सारे विवादों के बीच लखनऊ आज 24 साल बाद पहले टी-20 मैच की मेजबानी करने जा रहा है और खेल प्रेमी उत्साह से लबरेज लखनऊ की सड़कों पर मस्ती कर रहे हैं। यूं कहें कि यहां सियासत को पटखनी मिल चुकी है और खेल प्रेम जीत चुका है।