मानक विहीन मरम्मत कार्य से क्षेत्रवासियों में आक्रोश

  • नवलपरासी के गण्डक नदी ठोकर संख्या 6 पर कराया जा रहा मरम्मत कार्य
  • ठोकर की जाली सहित लगाए जा रहे बोल्डर मानक विहीन होने का आरोप

अरुण वर्मा

नवलपरासी(नेपाल)। नवलपरासी सुस्तावासियों ने गण्डक नदी बांध के ठोकर संख्या 6 पर भारतीय महाकाल एसोसिएट शाहपुर गोरखपुर द्वारा कराए जा रहे मरम्मत कार्य को मानक विहीन होने का आरोप लगाते हुए स्थानीय जिला प्रशासन से कठोर कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सम्बन्धित ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य मे मानक विहीन तार जाली व मानक से कम बोल्डरों को लगाया जा रहा है। जबकि महराजगंज सिचाई खण्ड द्वितीय के अधिकारियों ने बताया कि इस शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए सम्बन्धित ठेकेदार को कड़ी चेतावनी दी गई है।

नेपाल के सबसे प्रमुख बांधो में एक बांध नारायणी गण्डकी भी है। भारत व नेपाल सरकार द्वारा किये गए समझौते के आधार पर उक्त बांध का रखरखाव व मरम्मत कार्य उत्तर प्रदेश व बिहार सरकार के द्वारा किया जाना तय है। नेपाल नवलपरासी के सुस्तावासियो का आरोप है कि भारतीय प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें हर वर्ष बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ती है। हर वर्ष बाढ़ के कारण जानमाल सहित उनकी सैकड़ो एकड़ खेती बर्बाद हो जाया करती है बावजूद उसके भारत सरकार गम्भीर नही हो पा रही है।

वर्तमान में गण्डक नदी के ठोकर संख्या 6 पर भारतीय क्षेत्र गोरखपुर स्थित महाकाल एसोसिएट को मरम्मत कार्य हेतु टेण्डर दिया गया है। वही मिल रही शिकायतों के बावत गण्डक क्षेत्र की समस्याओं से रूबरू होने के लिए नेपाल प्रदेश संख्या 5 के भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्री बैजनाथ चौधरी व उद्योग, पर्यटन,वन तथा वातावरण मंत्री लीला गिरी ने भौतिक सत्यापन कर उसके निदान के लिए भारतीय पक्ष के अधिकारियों से बात कर समस्याओं का निदान कराए जाने की बात कही। क्षेत्रवासी सम्बन्धित ठेकेदार के द्वारा मानक विहीन जाली व मरम्मत कार्य मे लगाए जा रहे बोल्डर की मात्रा काफी कम होने का आरोप लगा रहे है।

ग्रामीण पूरन बहादुर गुरुंग, रामअवतार हरिजन, राधेश्याम यादव, रमेश हरिजन, आनन्द गुरुंग, तीर्थ पुन, विजय यादव, अनिल, हृदयेश गुप्ता, श्याम सहित सैकड़ों ने यह आरोप लगाया है कि सम्बन्धित ठेकेदार द्वारा बोल्डर गिराने वाली कंपनियों से मिल मानक से कम बोल्डर को गिराया जा रहा है वही बोल्डरों को बांधने वाली जाली काफी बड़ी व चौड़ी लगाई जा रही है। जिससे बरसात के मौसम में वह पानी की क्षमता को बर्दास्त नहीं कर सकती और फिर एक बार बाढ़ जैसी त्रासदी झेलनी पड़ सकती है।

नवलपरासी जिला प्रशासन को दिए गए शिकायती पत्र में उन्होंने भारतीय प्रशासन से बात कर कड़ी कार्यवाही की बात लिखी है। इस बावत जब महाकाल एसोसिएट गोरखपुर ठेकेदार राजेश्वर शुक्ला से मोबाइल पर बात की गई तो उनका कहना था कि वहां कुछ लोग काम को लेकर साजिश कर रहे है। काम की निगरानी विभाग के अधिकारी कर रहे है जंहा कुछ कमियां दिख रही वे स्वयं उसे ठीक करा रहे है अब ऐसे में मानक विहीन काम कराने का आरोप निराधार है। जबकि सिचाई विभाग द्वितीय खण्ड महराजगंज के अधिकारियों ने बताया कि कुछ काम मे कमी पाई गई है। करीब 10 जालियों में कमी पाई गई जिसे ठीक कराने को कहा गया है। रही बात बोल्डर की उसके मापन का कार्य किया जाएगा कमी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।