EXCLUSIVE: यदि आप नेपाल और भारत के एक साथ निवासी हैं तो सावधान!

काठमाण्डू (नेपाल) से अरुण वर्मा की रिपोर्ट…

  • दोहरी नागरिकता बनेगी परेशानियों का सबब, नेपाल में दोहरी नागरिकता पर है सज़ा का प्रावधान
  • भारतीय नागरिक को नेपाली नागरिकता दिलाने की सिफारिश में हुआ 16 मुकदमा
  • भारत-नेपाल की सीमा सहित अन्य हज़ारो ने ले रखी है फ़र्ज़ी दस्तावेज के सहारे नेपाल व भारत नागरिकता
  • एमाले की सरकार में हो सकती है इसपर गंभीरता से जांच, नेपाल के बाँका जनपद में आया ऐसा ही एक मामला

भारत-नेपाल की सीमा सहित अन्य जगहों से नेपाल में दोहरी नागरिकता लिए हुए लोगों के लिए बहुत बुरी ख़बर है कि अब नेपाल में दोहरी नागरिकता लिए गए लोगों की जांच पड़ताल होने की तैयारी दिख रही है। नेपाली कानून के मुताबिक अगर किसी ने भारतीय होते हुए नेपाल में नागरिकता ले रखी है तो उसे अब मुसीबत से गुजरना होगा। नेपाली कानून के मुताबिक किसी भी विदेशी द्वारा नेपाल में नागरिकता हासिल किए जाने पर धारा 21(1) के तहत एक वर्ष से पांच वर्ष की सज़ा व 50 हज़ार से एक लाख तक का जुर्माना या दोनों पर कार्यवाही की जा सकती है वही नागरिकता दिलाने में मददगार, पहचान करने वाला या सगे सम्बन्धी बताने वालों पर भी धारा 21(2) के तहत 6 माह से 1 वर्ष की सज़ा व 25 हज़ार से 50 हज़ार तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

भारतीय नागरिक को नेपाली नागरिकता बनाने की सिफारिस के आरोप में विराटनगर महानगरपालिका एक  वार्ड अध्यक्ष उद्धव अर्याल सहित 16 के विरुद्ध जिला अदालत में मुक़दमा पंजीकृत कराया गया है। मोरङ जिल्ला सरकारी वकील के कार्यालय ने दो जनप्रतिनिधियों सहित अन्य 16 के विरुद्ध जिला अदालत मोरङ में ‘झूठा विवरण प्रस्तुत कर विदेशी को नागरिता लेने, दिलाने का मुद्दा दायर किया है। जिसपर आज दिन सोमवार से जिला अदालत मोरंग में इसपर सुनवाई शुरू कर दी गई है।

  • किसी भी व्यक्ति द्वारा नेपाल में विदेशी रहते हुए नागरिकता लेने पर एक वर्ष से पांच साल की सज़ा व 50 हज़ार से एक लाख तक का जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है।
  • विदेशी नागरिक को नेपाल में नागरिकता की सिफारिश या पहचान कराने वालों पर भी 6 माह से 1 वर्ष की सज़ा या 25 हज़ार से 50 हज़ार का जुर्माना या दोनों का है प्रावधान

वार्ड अध्यक्ष उद्धव अर्याल, सदस्य रमेश साह,  सचिव पुष्पा तिम्सिना, कटहरी गांवपालिका एक सत्यनारायण पोद्दार, कूटरचित दस्तावेज़ प्रस्तुत कर नेपाल की नागरिकता लिए विराटनगर एक निवासी  सञ्जित पोद्दार, धिरज पोद्दार, राजेन्द्र पोद्दार, जितेन्द्र पोद्दार, रोशन कुमार पोद्दार, मिथिलेश्वर पोद्दार व पवन पोद्दार के खिलाफ़ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। जबकि गवाह बने विराटनगर महानगर एक निवासी सीमादेवी राम हरिजन, मनोज हरिजन, छोटेलाल मुखिया, सुनसरी कोशी गांवपालिका एक निवासी सुरेश पोद्दार, कटहरी गांवपालिका एक वैद्यनाथ शर्मा को भी इसके दायरे में लाया गया है। जिसमें अबतक की कार्यवाही में सत्यनारायण पोद्दार को गिरफ्तार कर लिया गया है।पोद्दार पर आरोप है कि 7 भारतीय नागरिको को अपना बेटा बना उसने नेपाल की नागरिकता दिलवाई है। वार्ड अध्यक्ष उद्धव अर्याल, वार्ड सदस्य रमेश साह, वार्ड सचिव पुष्पा तिम्सिना सहित अन्य आरोपी फरार चल रहे है। इसकी जानकारी नेपाल प्रहरी ने दी।

अब हो जाएं सजग अन्यथा लगेगा जुर्माना होगी जेल

नेपाल में नए सरकार के गठन के साथ ही इस गम्भीर मसले पर विचार होना शुरू हो गया है जिसमे एक मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है जो नेपाल के बाँका जनपद व भारतीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के बहराईच जनपद से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार नेपाल में नवगठित बाममोर्चा सरकार के आते ही दोहरी नागरिकता लिए हुये लोगो की बेचैनी बढ़ सी गई है।

भारत-नेपाल की सीमा से लगायत लाखों/हजारों लोगों ने नेपाली व भारतीय दोनों हो देशों में फर्जी दस्तावेजों व अपने परिचितों के सहारे नागरिकता ले रखी है अब ऐसे लोगो के चेहरे से मुस्कान छीन सी गई है। नेपाल सरकार के प्राथमिकता में दोहरी नागरिकता सर्वोच्च पर है। नेपाली कानून के मुताबिक किसी भी विदेशी द्वारा नेपाल में नागरिकता हासिल किए जाने पर धारा 21(1) के तहत 1 वर्ष से 5 वर्ष की सज़ा व 50 हज़ार से 1 लाख तक का जुर्माना या दोनों पर कार्यवाही की जा सकती है।

वहीं नागरिकता दिलाने में मददगार, पहचान करने वाला या सगे सम्बन्धी बताने वालों पर भी धारा 21(2) के तहत 6 माह से 1 वर्ष की सज़ा व 25 हज़ार से 50 हज़ार तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। अभी हाल ही में एक मामला नेपाल के बाँका जनपद में मिला जिसमें करीब 11 वर्ष पूर्व नौशाद नामक एक व्यक्ति ने अपने रिश्तेदारो रसीद अहमद, मुमताज, उस्मान, रज्जब अली व जुल्लाह निवासी जसगढ़ जनपद बाँका की सिफारिश व पहचान पर नेपाल की नागरिकता ले रखी है, जबकि वह भारतीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच वजीरपुर का भी निवासी है और हाल ही के चुनाव में मतदान भी किया है। चुनावी दस्तावेजों की गहनता से जांच शुरू कर दी है, अगर यह मामला सच साबित हो जाता है तो नौशाद सहित उनके सम्बन्धियों पर नेपाली कानून व्यवस्था के तहत सज़ा भी मिलने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

बताते चले कि दोहरी नागरिकता के कारण दोनों ही देश की सुरक्षा में सेंध लगाने की कुचेष्टा की जाती रही है जिसका अब नेपाल सरकार संज्ञान लेते दिख रही है। ऐसा नही है कि भारत मे दोहरी नागरिकता पर छूट है पर अभी इसपर गम्भीरता से पहल नही किया जा सका है जिसका नतीजा है कि नेपाल से भारतीय क्षेत्रों में भी लाखों/हजारों की तादात में अपना आशियाना बना रखा है।