Grand Launching: अब इंडिया को रीयल सिक्योरिटी देगा रियल नेटवर्क

राणा विजय कुमार

नई दिल्ली। आप किसी सार्वजनिक स्थल पर हैं, ऑफिस में हैं या फिर मूवी का मजा ले रहे हैं। आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं। एक तकनीकि इंटेलिजेंस व्यवस्था आपकी सुरक्षा के लिए अब 24 घंटे तैनात होने जा रही है। अब बिना हिचक, बिना झिझक कहीं भी खुलकर हंस सकते हैं, जा सकते हैं और बिना डरे मस्ती में जीवन जी सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि इसके लिए सरकार कोई नया फोर्स गठन करने जा रही है तो जवाब है नहीं। अमेरिका की प्रतिष्ठित कंपनी रियल नेटवर्क ने एक ऐसे सॉफ्टवेयर का इजाद किया है जो कि न केवल आपकी सुरक्षा करेगा बल्कि आने वाले व्यक्ति का मूड भांपकर आपको अलर्ट का मैसेज भी देगा। यह सब हकीकत में होने जा रहा है। अब आपको सुरक्षा के लिए बड़े ताम-झाम की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

राजधानी नई दिल्ली के हृदय स्थल कनॉट प्लेस स्थित होटल ललित में अमेरिकन कंपनी रियल नेटवर्क और उसके सहयोगी टीम ने आप सेफर नाम के उस सॉफ्टवेयर को लॉन्च किया, जो नई तकनीक के सहारे सुरक्षा व्यवस्था में चार चांद लगा देगी। सीसीटीवी कैमरा, बुलेट कैमरा और हिडेन कैमरे इसके लिए लगाए जाएंगे। एशिया पैसिफिक के वाइस प्रेसीडेंट नारिओकी ताकामुरा और कंट्री हेड विकास झा के साथ-साथ सेफर के नए सहयोगी और कोहो ब्रांड के डायरेक्टर शर्मा ने बकायदा अपने इस प्रोडक्ट को भारत में लॉन्च किया।

इस लॉन्चिंग सेरेमनी में हिस्सा लेने जापान की राजधानी टोकियो से भारत आए कंपनी के एशिया हेड ताकामुरा दावा करते हैं कि आने वाले दिनों में पूरा भारत हमारे इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करेगा क्योंकि हम लोगों को एक क्षेत्र के बजाय कई क्षेत्रों में सिक्योरिटी दे रहे हैं। वह कहते हैं कि हमारा यह सॉफ्टवेयर सुरक्षा के साथ-साथ बिजनेस बढ़ाने में भी नायाब योगदान देगा। वह कहते हैं कि रियल नेटवर्क अमेरिका की श्रेष्ठ कंपनियों में से एक है। यह कम्पनी साल 1994 से सॉफ्टवेयर की दुनिया की जानी-मानी कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ काम कर रही है। कुछ बरसों पहले इस कम्पनी का रियल प्लेयर विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम वालों की पहली पसंद था।

वह कहते हैं कि अब तक आपने देखा होगा कि पासपोर्ट ऑफिस में, एयरपोर्ट पर, रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर केवल आईडी या आधार देखकर लोगों को भेज दिया जाता था, लेकिन यदि सरकार हमारे सेफर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करेगी तो वह अपने डेटाबेस को एक्सेस करते हुए आने वाले यात्री को न केवल पहचान लेगी बल्कि वह यह भी जान लेगी आने वाले व्यक्ति का मिजाज कैसा है और वह कितना खुश है या निराश है। बकौल ताकामुरा रियल नेटवर्क का यह सिस्टम अपने क्षेत्र में अव्वल है। अमेरिकन सर्वे एजेंसी एनआईएसटी के पैमाने को देखे तो फेस रिकग्निशन में रियल नेटवर्क जहां 99.8 प्रतिशत सफल है, वही इस क्षेत्र में काम कर रहीं अन्य कंपनियां जैसे पैनासोनिक 35 प्रतिशत और तोशिबा 50% ही सफल है। यूं कहें कि फेस रिकग्निशन में काम करने वाली अन्य कम्पनियां रियल नेटवर्क के सेफर से कोसों दूर पीछे हैं।

रियल नेटवर्क के कंट्री हेड विकास झा कहते हैं कि इस सॉफ्टवेयर के सामने आना जरूरी नहीं है। यह कंपनी फोटो और डेटाबेस देखकर चेहरा पहचान लेगी। वह कहते हैं कि वाइल्ड फोटोग्राफी और बीजा फोटोग्राफ देखकर भी सेफर आसानी से पहचान लेता है। उनका दावा है कि सेफर के प्रयोग से बिजनेस में काफी सुधार देखने को मिल सकता है। रिटेल मार्केट के लिए यह सॉफ्टवेयर खुशियों की सौगात लाएगा। वह उदाहरण देते हैं मान लिया मान लिया मैं किसी रिटेल स्टोर में सामान लेने दोबारा पहुंचा। स्टोर ने वहां फेस रिकग्निशन के लिए सॉफ्टवेयर लगा रखा है तो उसे यह मैसेज चला जाएगा कि आपका वह कस्टमर फिर आया है, जिसने पिछली दफा बड़ी खरीदारी की थी। इस मैसेज से बाद स्टोर मालिक मेरे पीछे एक स्टाफ लगा सकता है। चाय, कॉफी और नाश्ता ऑफर कर सकता है। साथ ही एक अच्छा कस्टमर बनाए रखने के लिए मुझसे अच्छा व्यवहार करने के लिए अपने स्टॉफ को ताकीद भी कर सकता है। वह कहते हैं कि यह सब कुछ महज एक मैसेज पर संभव है। उसके इस आवभगत के बाद संभव है कि मैं उस स्टोर का नियमित ग्राहक बन जाऊं।

प्रोएक्टिव सर्विलांस का विकल्प बनेगा सेफर

रियल नेटवर्क के कंट्री हेड विकास झा कहते हैं कि अभी तक चलने वाले सारे विकल्पों में सेफर अलग क्यों है, इसे आप एक छोटे से उदाहरण से समझ सकते हैं। सीसीटीवी कैमरा तब काम आता है, जब कहीं घटना हो जाती है। घटना के बाद पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर तफ्तीश करती है कि उक्त समय पर यहां कितने लोग आए थे और उनकी क्या एक्टिविटी थी लेकिन सेफर इस सिस्टम से बिल्कुल अलग है। वह पहले ही एक मैसेज नजदीकी पुलिस स्टेशन या सिक्योरिटी एजेंसी को केवल मूड भांपकर भेज देगा और घटना होने के रह जाएगी।

पत्थरबाजों की खैर नहीं

कंपनी के इंजीनियरिंग हेड मुकेश यादव कहते हैं कि खबरों में अक्सर सुनने को मिलता है कि जम्मू-कश्मीर में सेना पर लोगों ने पत्थर बरसाए। अलग-अलग खबरिया चैनलों पर खबर देखने के बाद यह प्रतीत होता है कि कुछ कॉमन लोग अलग-अलग जगह जाते हैं और सेना पर पत्थर बरसाते हैं। वह कहते हैं कि अगर सेफर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करे तो वह चंद मिनटों में यह ट्रेस कर लेगी कि एक स्थान पर सेना पर पत्थर मारने वाला अब दूसरी जगह आ चुका है। दूसरी जगह पर पत्थरबाज को देखकर सेफर पास में स्थित सेना की चौका या सिक्योरिटी एजेंसी को यह मैसेज भेज देगा कि कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। जिसमें यह कुछ लोग पहचान में आए हैं। वह कहते हैं कि इस सॉफ्टवेयर से स्कूलों में सुरक्षा बढ़ेगी। निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए सजग सरकार के सेफर बहुत ही मददगार साबित होगा। इसकी मदद से सरकार और बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकती है तथा इसके लिए सरकार को कम खर्च उठाना पड़ेगा

रियल लाएगा चेहरे पर रीयल मुस्कान

अमेरिका में अपने ब्रांड में अग्रणी भूमिका निभाने वाली रियल नेटवर्क अब दफ्तर में काम कर रहे सभी कर्मियों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करेगा। यदि आप कैमरे के सामने हैं और आपने इस्माइल नहीं दिया है तो सिस्टम दरवाजा नहीं खोलेगा। यदि आप समय से देर दफ्तर पहुंचे हैं तो आपको मुस्कुराने में थोड़ी दिक्कत जरूर होगी, लेकिन बिना मुस्कुराए गेट नहीं खुलेगा इसलिए आपको जबरदस्ती मुस्कुराना पड़ेगा।

अपने भारतीय सहयोगियों के साथ इंडिया हेड विकास झा

क्या-क्या पहचान कर लेता है सेफर

राजधानी के ललित होटल में करीब 11:00 बजे लकदक सजे हाल में जिस सेफर सॉफ्टवेयर का उद्घाटन कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट नारिओकी ताकामुरा ने किया वह तीन प्रकार से काम करता है। कैमरे के सामने आते ही वह व्यक्ति का लिंग निर्धारण कर देता है कि आने वाला स्त्री है या पुरुष। इसके अलावा व्यक्ति की तकरीबन आयु को भी सॉफ्टवेयर बता देता है। साथ ही साथ यह बताता है कि आने वाले व्यक्ति का मिजाज कैसा है। वह दुखी है, खुश है या मन में किसी प्रकार का बैर लेकर आ रहा है। विकास बताते हैं कि सेफर का पूरा नाम है सिक्योर एक्यूरेट फेशियल रिकग्निशन यानी पूर्णरूपेण चेहरे का परीक्षण और तकरीबन शत-प्रतिशत सही पहचान। वह जोर देते हैं कि कंपनी करीब 99% चेहरे को एकदम सटीक पहचान लेती है चाहे आप नकाब लगाए हो, चेहरा बदलने की कोशिश की हो, दाढ़ी बढ़ाए हों, हटाए हों या फिर गंजे हो गए हो किसी भी कीमत पर यह कैमरा आप को पहचान लेगा। यदि आप रजिस्टर्ड हैं तो आपको अंदर जाने की परमिशन मिलेगी अन्यथा गेट अनलॉक नहीं होगा।

सॉफ्टवेयर लॉन्चिंग के अवसर पर जापान के टोक्यो से दिल्ली आए ताकामुरा से पत्रकारों ने सवाल किया कि आप किस दम पर यह दावा कर रहे हैं कि कंपनी 99 प्रतिशत मामलों में सटीक चेहरा पहचान लेती है, के जवाब में ताकामुरा कहते हैं कि यह रेटिंग रियल नेटवर्क का नहीं है। यह रेटिंग हमें अमेरिका की एक विश्लेषक कंपनी ने दिया है। एनआईएसटी ने पूरा दुनिया में इस क्षेत्र में काम करने वाली चार-पांच कंपनियों का परीक्षण किया, जिसमें हमारे आसपास कोई कंपनी नजर नहीं आई। हम इस श्रेणी में काम कर रहे अन्य कंपनियों से कोसों आगे खड़े हैं। हालांकि इस क्षेत्र में रूस, चाइना और जापान की कंपनियां भी काम करना चाह रही हैं लेकिन अभी तक कोई सेफर को चैलेंज नहीं कर पाया है।

निजता को लीक नहीं करेगा सेफर

कंपनी से यह सवाल किया गया कि जब आपका कैमरा आने जाने वाले सारे लोगों का रिकॉर्ड रख रहा है तो कोई भी हैकर हैक करके किसी भी व्यक्ति की निजता को भंग कर सकता है। इस सवाल के जवाब में ताकामुरा कहते हैं कि क्लाउड पर हम कोई भी डाटा स्टोर नहीं कर रहे हैं। हम जो भी डाटा स्टोर करेंगे वह आपके पर्सनल कंप्यूटर में होगा। यदि आप अपना पर्सनल कंप्यूटर सेफ रख सकते हैं तो यह सॉफ्टवेयर आपकी निजता को कतई भंग नहीं कर सकता। सेफर फोटो का रिकॉर्ड नहीं बनाता यह पुलिसिया रिकॉर्ड के आधार पर, आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के आधार पर और आधार कार्ड द्वारा लिंक रिकॉर्ड पर काम करता है।

अब नहीं बिछड़ने पाएंगे जुड़वा भाई

अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि कुंभ के मेले में दो जुड़वा भाई आपस में बिछड़ जाते हैं। मां-बाप से बच्चा छूट जाता है। भाई-बहन एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। कंपनी कुंभ मेले के दौरान सेफर सॉफ्टवेयर से लोगों की निगरानी करना चाह रही है। यदि कोई व्यक्ति गायब हो गया और उसके परिजन फोटो में, पहचान पत्र में, मोबाइल में फोटो दिखाएंगे तो उसे तुरंत सेफर में दर्ज कर दिया जाएगा। अंडर सर्विलांस काम कर रहे कुंभ मेले में जहां भी वह व्यक्ति होगा उसके चेहरे को पहचान कर सेफर उसके आसपास के पुलिस को मैसेज भेज देगा साथ ही यह संदेश उस जगह भी आ जाएगा जहां से पूरा मेला संचालित किया जा रहा है

मुस्कुराइए कि आप रियल सुरक्षा में है

लखनऊ के चारबाग स्टेशन या चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही बड़े-बड़े हर्फों में लिखा मिलता है मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं। कंपनी के कंट्री हेड कहते हैं कि यह शब्द पूरे देश के लोग एक बार फिर बोलेंगे और कहेंगे की मुस्कुराइए आप रियल सिक्योरिटी जोन में हैं और यह रियल सिक्योरिटी उपलब्ध कराने के लिए रियल नेटवर्क मार्केट में उतर चुका है।