ओवरलोड वाहन आए दिन दे रहे हैं, सड़क हादसे को अंजाम

संभागीय परिवहन विभाग की उदासीनता है, ओवरलोड वाहन दे रहे हैं मौत

रिपोर्ट -इलयास खान नया लुक न्यूज़

बांदा। बांदा जिले के संभागीय परिवहन विभाग की उदासीनता का द्योतक है। कि लगातार ओवरलोड वाहन आए दिन किसी न किसी हादसे को अंजाम देते हैं, यह बात अलग है। कि संबंधित विभाग औपचारिक कार्यवाही की रस्म अदायगी करके अपने बचाव के हित में पल्ला झाड़ लेता हैं। ओवरलोड वाहनों पर अभी तक शिकंजा कसता नजर नहीं आ रहा है। जो आए दिन हादसों पर हादसा होते हैं, और लोगों की जिंदगिया मौत में बदल रही हैं। इसी क्रम में हादसे का अगला शिकार बने एक्सचेंज नेटवर्क टावर के कर्मचारी जो चेकिंग के दौरान रात में निकले थे, जिनकी कार मे ट्रैक्टर ने पीछे से टक्कर मार दी, जो कार खंती में जा गिरी और उनकी मृत्यु हो गई।जिले में इन दिनों हादसे, पर हादसा हो रहा है, जैसा कि बीती रात नेटवर्क टावर में काम करने वाले कर्मचारी रूपेश सिंह निवासी बैरी, कानपुर के बताए जा रहे हैं। जो अपनी ड्यूटी के उपरांत नेटवर्क टावरों की चेकिंग पर निकले थे, जिनको एक ट्रैक्टर के द्वारा पीछे से उनकी चार पहिया गाड़ी में ठोकर मारी गई, ठोकर लगते ही गाड़ी खंती में जा गिरी और पलट गई जहां उनकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी रूपेश के परिजन हरिश्चंद्र सिंह द्वारा दी गई।

जिले में इन दिनों सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता नजर आ रहा है इसकी वजह अनियंत्रित वाहन परिवहन करना है। साथ में संबंधित उत्तरदायित्व विभाग संभागीय परिवहन की लचर कार्यप्रणाली का भी परिणाम है। माह मई के इस सप्ताह में दुर्घटनाओं के सिलसिले के क्रमानुसार लगभग 6 लोगों की दुर्घटना की वजह से मौत हुई होगी। और सबसे ज्यादा विचारणीय प्रश्नचिन्ह यह है, कि अधिकतर मोरम खदानों से संबंधित बालू परिवहन की रोडो पर, यह सड़क हादसे आए दिन घटित होते हैं। लेकिन क्या कारण है, इन हादसों की कमी ना हो कर इन पर इजाफा हो रहा है। साफ तौर से जाहिर है,कि संबंधित प्रशासनिक तंत्र भी इन्हीं हादसों का सहयोगी साबित हो रहा है।

जो इन पर कार्यवाही न करके मौत बने ओवरलोड बालू परिवहन, गिट्टी परिवहन, करते वाहनो पर और तो और हैरान कर देने वाली बात कि नो एंट्री में भी ओवरलोड बालू परिवहन करते ट्रैक्टर खुलेआम नगर के अन्दर फर्राटे भरते नजर आते हैं। सवाल तो जरूर खड़ा होता है, साहेब कि, किन परिस्थितियों में और कैसे, किस तरह है संबंधित उत्तरदायित्व प्रशासनिक तंत्र कार्यवाही जो करता है। इतने हादसे होने के बावजूद भी अभी तक ओवरलोड वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, देखना होगा आंखों में पट्टी बांधे प्रशासन अपनी कुंभकरणी नींद से कब जागता है।