- दबंगों और अपने ही बेटे से बताया जान का खतरा
नया लुक संवाददाता
लखनऊ। राजधानी का पिपरौली इलाका जहां कभी दबंगों का बोलबाला रहा है, दबंगई तथा पकड़ इस गांव की पहचान हुआ करती थी। ऐसी घटनाएं वक्त के साथ कुछ कम जरूर हुई लेकिन अपराध का रूप बदल गया। ऐसे तत्व अब दूसरों के जमीनी मामले में दखल देकर धन उगाही, जबरदस्ती जमीन लिखवा लेना आदि जैसे अपराध में लिप्त हो गए। यहां यदा-कदा गांव के दो-चार दबंगों द्वारा ऐसी घटनाओं को अंजाम देते देखने को मिलता रहता है। यहां जमीन के किसी मामले का हल पंचायत व हाई कोर्ट से नहीं बल्कि लाठी डंडे से होना एक रिवाज बन गया है। फिर भी गांव में अच्छे पढ़े लिखे व अच्छे सोच वाले लोगों की कमी नहीं है। बात साउथ सिटी पुलिस चौकी से मात्र छ सौ मीटर दूर पश्चिम का है। पिपरौली गांव के उत्तर डबल डिवाइडर रोड के बगल स्थित स्व. बावू लाल की पत्नी का मकान व जमीन है। पति बाबूलाल अपने जीवन काल में ही अपने मकान जमीन को जरिए रजिस्टर्ड वसीयत नामा अपनी पत्नी के नाम कर दिया था। पति की छह माह पहले मृत्यु हुई है। बाबूलाल की विधवा पति द्वारा किराए पर दिये तीन दुकानों को खाली करवाने को जहां प्रशासन से अनुनय विनय कर रही है।
वहीं क्षेत्र के भू-माफिया उसके शराबी बेटे को मां से विवाद खड़ा कर आधी जमीन पर कब्जा करवा कर खुद औने पौने में खरीदना चाहते हैं। मां बेटे में रार इतना बढ़ा दिया गया है कि जब भी मां बाजूदेई घर पर आती है तो दबंग लोग बेटे को उकसाकर स्वंय भी मारपीट विधवा से मार पीट पर उतारू हो जाते हैं। अविवाहित बेटी व मां ने पुलिस से को रोते हुए अपनी व्यथा बताई। बाजू देई का कहना है कि वह पति व अपनी इच्छा अनुसार मकान के दक्षिण पश्चिम तरफ लगभग चार सौ इसक्वायर फुट जमीन पर बने मकान को बेटे बहू को देना चाहते हैं तथा शेष हिस्सा बेच कर दोनों पोतियों व एक पोते व बहू के नाम लगभग आठ लाख रूपया देना चाहते हैं पर दबंग नहीं ऐसा नहीं करने देना चाहते हैं।
विधवा का कहना है उसका बेटा मान भी गया था पर गांव के कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग समझौता न होने देकर हमें व बालिग लड़की को कई बार मारने व अपहरण की धमकी दे रहे हैं। बाजूदेई ने बताया कि पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लगता है कि थाना पीजीआई थाने व पुलिस चौकी भी दबंगों के आगे लाचार मूकदर्शक है। देवरिया जैसी कोई बड़ी वारदात होने पर ही शासन प्रशासन जागेगा। बाजूदेई ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, पुलिस कप्तान, मुख्य सचिव आदि को भेजे शिकायती पत्र में भी न्याय की गुहार लगाई है। उक्त संबंध में गांव के कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जो लोग लड़के को आगे कर मां से झगड़ा करवा कर दुकान जमीन लगभग फ्री में खरीदना चाहते हैं वही लोग लड़के को गुमराह किए हैं वरना अब तक मामला सुलझ गया होता।
वहीं पति द्वारा पत्नी बाजूदेई को लिखे रजिस्टर्ड वसीयत नामा पर वरिष्ठ वकील राधेश्याम ,मनीष मिश्रा आदि ने कहा कि अब जायदाद की मालकिन बाजूदेई है। कानूनन वह जिसे चाहे उसे दे। बेटे और बहू को जो दे रही है, उन्हें ले लेना चाहिए। वहीं स्थानीय थाना पीजीआई व साउथ सिटी पुलिस चौकी ने भी शासन को भेजे अपने रिपोर्ट में विधवा बाजूदेई को पीड़ित बताया है।बेटे को शराबी व गुमराह होकर विवाद उत्पन्न करने वाला बताया। पूर्व में बेटे को शान्ति भंग के आरोप में जेल भी जाना पड़ा था।