Murder and Rape

Analysis
वह दिन दूर नहीं जब हम मनुष्य कहलाने के लायक भी न बचे
डॉ धनंजय मणि त्रिपाठी प्रकृति ने मनुष्य को संवेदनशील बनाया है, भावपूर्ण बनाया है अतः प्रकृति की भांति मनुष्य में भी विभिन्न प्रकार की भावनाएं पाई जाती हैं। ये भावनाएं शारीरिक और मानसिक संवेदनाएं होती हैं ये किसी चीज़, घटना या स्थिति के विशेष महत्व को दर्शाती हैं। भावनाएं हमारे जीवन का आधार होती हैं […]
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